दो महिलाओं ने झेली पांच भालुओं की दरिंदगी
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घास काट रही दो महिलाओं पर भालुओं का झुंड टूट पड़ा। दोनों महिलाओं के सिर, बाजू, मुंह पर गहरे जख्म हुए हैं। घटना ज्यूरी पंचायत के कोचड़ी गांव की है। महिलाओं को गंभीर अवस्था में आईजीएमसी में भर्ती किया गया है। घटना के बाद लोग सहम गए हैं। घायलों में एक पंचायत की वार्ड मेंबर हैं।
शुक्रवार को गांव की हेमा देवी पत्नी हरी सिंह और हीरा देवी पत्नी नरेश साथ लगते जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान पास की झाड़ियों में घात लगाकर बैठा भालुओं का झुंड उनके मुंह के सामने खड़ा हो गया। इससे पहले दोनों कुछ करतीं, झुंड उन पर टूट पड़ा। महिलाओं की चीखने की आवाज सुनकर ग्रामीण लाठियां लेकर जंगल की तरफ दौड़े।
ग्रामीणों के अनुसार वहां पांच भालू थे। लोगों ने लाठियों से भालुओं को डराया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर भालू जंगल की तरफ भाग गए। दोनों महिलाएं बेहोश वहां पड़ी थीं। ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को वहां से उठाया और घर ले आए। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। दोनों महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार किया गया। अधिक खून बह जाने के कारण दोनों को आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया गया।
ज्यूरी में दहशत, घरों में दुबके लोग
पंचायत प्रधान अशोक नेगी ने इस बात की सूचना वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी। वन विभाग ने दोनों महिलाओं को फौरी राहत के तौर पर पांच पांच हजार की राशि दी। जबकि, प्रशासन ने दस- दस हजार की राहत प्रदान की।
घायल महिलाओं के परिजनों ने कहा कि क्षेत्र में कई बार भालुओं का झुंड घूमते हुए देखा गया। अभी तक इस तरह का हादसा यहां पर नहीं हुआ था। शुक्रवार को दो महिलाओं के घायल होने से ज्यूरी पंचायत में दहशत का माहौल बना है।
इलाज का खर्च विभाग करेगा: शर्मा
वन विभाग के डीएफओ अमित शर्मा ने बताया कि घायलों के उपचार में जो खर्चा आएगा। उस खर्च को विभाग देगा। उन्होंने कहा कि भालुओं को पकड़ने के प्रयास शुरू किए जाएंगे।