अमेरिकी रिपोर्ट: भारत में पुलिस की हालत बदतर, दिल्ली को बताया रेप कैपिटल
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अमेरिकी सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के तहत एक संगठन ने भारत में पुलिस की हालत को दुनिया में बदतर करार दिया है। यूएस सरकार के ब्यूरो ऑफ डिप्लोमेटिक सिक्योरिटी की ओवरसीज सिक्योरिटी एडवाइजरी काउंसिल की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट में नई दिल्ली को रेप कैपिटल करार दिया गया है और विदेशी महिलाओं को संवेदनशील स्थानों पर जाने से आगाह किया है। भारत में एंटी अमेरिकी सेंटीमेंट्स वाले आतंकी समूहों के सक्रिय होने की बात भी कही है।
इस रिपोर्ट को हाल ही में पब्लिक डोमेन में डाला गया है। इंडिया 2016 क्राइम एंड सेफ्टी रिपोर्ट के तहत नई दिल्ली समेत भारत के अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन किया गया है।
इसके मुताबिक यहां एक लाख जनसंख्या पर पुलिस अधिकारियों की संख्या 141 है, जबकि दुनिया में ये औसत 350 है। भारत का ये औसत दुनिया के औसत से बहुत कम है। यहां बड़ी संख्या में आपराधिक घटनाएं रिपोर्ट ही नहीं होती हैं।
रिपोर्ट में किए गए हैं कई सनसनीखेज खुलासे
एक सामान्य धारणा रहती है कि पुलिस भ्रष्ट है और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कुछ मामलों में पुलिस अधिकारी भी अपराध में संलिप्त होते हैं। कई बार पुलिस को आंखें बंद करने के लिए रिश्वत दी जाती है। बहुत सारे पीडि़त प्रताडि़त किए जाने के डर से पुलिस के पास जाते ही नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली को मीडिया स्रोतों ने रेप कैपिटल करार दिया है। यहां विदेशी महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। यहां सार्वजनिक वाहनों एवं सड़कों पर जेबकतरों और पर्स स्नैचिंग से भी आगाह किया गया है। रिपोर्ट कहती है कि पर्यटन स्थलों में यूएस पासपोर्ट की चोरी भी आम है। पर्यटकों को दवा पेय और खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं, ताकि आसानी से चोरी की जा सके।
भारत में एंटी वेस्टर्न आतंकी समूह भी सक्रिय हैं। इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की सूची में शामिल आतंकी संगठनों जैसे हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन, इंडियन मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों की सक्रियता है। डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की ओर से यूएस सरकार के तमाम कर्मचारियों को बगैर अनुमति के पूर्वी लद्दाख को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में जाने से प्रतिबंधित किया जाता है।
इसलिए बनाई है ये रिपोर्ट
ब्यूरो ऑफ डिप्लोमेटिक सिक्योरिटी ने स्पष्ट किया है कि इस रिपोर्ट की विषयवस्तु संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार या इसके डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की नीतियों, दृष्टिकोणों और रवैयों को प्रस्तुत नहीं करती है। इसे विभिन्न स्रोतों और दूतावास की रिपोर्टिगिं से तैयार किया गया है। इसे अमेरिका की निजी क्षेत्र सुरक्षा मदद के लिए ही बनाया गया है।
रिपोर्ट में ये भी :
- भारत-पाकिस्तान सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में यात्रा न करें। यहां दोनों ओर सेना की मजबूत मौजूदगी है।
- सड़कों से यात्रा करना खतरनाक है। यातायात से जुड़ी मौतों में भारत दुनिया का नेतृत्व करता है, जिसमें यूएस के नागरिक भी शामिल रहे हैं। यात्रा के लिए बसों से ज्यादा सुरक्षित अंतरराज्यीय ट्रेनें हैं।
- पगडंडियों और गलियों पर चलते हुए भी ध्यान देने की जरूरत है।
- युवाओं की गैंग और भिखारियों से भी अलर्ट रहें।
- प्रदर्शन और सामान्य हड़तालें भी यहां असुविधा पैदा करती हैं।
- कभी-कभार धार्मिक हिंसा से जुड़ी घटनाएं भी होती हैं।