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एनएचएम के दफ्तर के भीतर एंबुलेंस कर्मियों का प्रदर्शन
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विधायक सिंघा के नेतृत्व में दिया धरना, एंबुलेंस कर्मियों की नौकरी बहाल करे सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नेशनल हेल्थ मिशन के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ सड़क पर धरने पर बैठे विधायक राकेश सिंघा दोपहर बाद कर्मचारियों के साथ एनएचएम के एमडी के कमरे में घुस गए।
यहां पर विधायक राकेश सिंघा जमीन पर बैठ गए और अधिकारी के आने के बाद नौकरी से निकाले गए कर्मियों की बहाली की मांग उनसे की। मांगें पूरी न होने की स्थिति में शाम सात बजे तक दफ्तर के भीतर विधायक और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी रहा। माकपा विधायक राकेश सिंघा और नौकरी से निकाले गए सैकड़ों कर्मियों ने एनएचएम तथा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। माकपा विधायक और विभाग के अधिकारियों के बीच इस दौरान जमकर बहसबाजी भी हुई। यहां पर पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे, इसलिए कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने टेबल के दूसरी ओर अधिकारियों को रोके रखा। विधायक ने बताया कि गैरकानूनी तरीकों से सभी कर्मियों को नौकरी से निकाला गया है। यह अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि नौकरी से निकाले गए कर्मियों को तुरंत बहाल किया जाए। प्रदर्शन के दौरान एक महिला अपनी सात माह की बच्ची के साथ पहुंची थी।
इस अवसर पर महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, राज्य कमेटी के सदस्य बालक राम, यूनियन संयोजक मनोहर लाल, सह संयोजक प्रवीण कुमार, दीपक कुमार, राजेश चंदेल, मुनीश कुमार, रजनीश कुमार, भूपेंद्र सिंह, धीरज धीमान, अजय कुमार, संजय कुमार, धर्मवीर और रंजीव कुठियाला आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नेशनल हेल्थ मिशन के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ सड़क पर धरने पर बैठे विधायक राकेश सिंघा दोपहर बाद कर्मचारियों के साथ एनएचएम के एमडी के कमरे में घुस गए।
यहां पर विधायक राकेश सिंघा जमीन पर बैठ गए और अधिकारी के आने के बाद नौकरी से निकाले गए कर्मियों की बहाली की मांग उनसे की। मांगें पूरी न होने की स्थिति में शाम सात बजे तक दफ्तर के भीतर विधायक और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी रहा। माकपा विधायक राकेश सिंघा और नौकरी से निकाले गए सैकड़ों कर्मियों ने एनएचएम तथा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। माकपा विधायक और विभाग के अधिकारियों के बीच इस दौरान जमकर बहसबाजी भी हुई। यहां पर पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे, इसलिए कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने टेबल के दूसरी ओर अधिकारियों को रोके रखा। विधायक ने बताया कि गैरकानूनी तरीकों से सभी कर्मियों को नौकरी से निकाला गया है। यह अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि नौकरी से निकाले गए कर्मियों को तुरंत बहाल किया जाए। प्रदर्शन के दौरान एक महिला अपनी सात माह की बच्ची के साथ पहुंची थी।
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इस अवसर पर महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, राज्य कमेटी के सदस्य बालक राम, यूनियन संयोजक मनोहर लाल, सह संयोजक प्रवीण कुमार, दीपक कुमार, राजेश चंदेल, मुनीश कुमार, रजनीश कुमार, भूपेंद्र सिंह, धीरज धीमान, अजय कुमार, संजय कुमार, धर्मवीर और रंजीव कुठियाला आदि मौजूद रहे।
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