अंबिका माता की छड़ी यात्रा श्रीखंड के लिए रवाना, 35 किलोमीटर पैदल यात्रा करेंगे श्रद्धालु
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देश की सबसे कठिन यात्राओं में शुमार श्रीखंड के लिए गुरुवार को अंबिका माता की छड़ी रवाना हुई। इससे पूर्व भव्य धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ। निरमंड दशनामी जूना अखाड़ा में सैकड़ों साधु-संतों, धार्मिक संगठनों, श्रीखंड यात्रियों ने भाग लिया। 15 जुलाई से आधिकारिक यात्रा शुरू होगी। इसी दिन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना होगा। देवी माता अंबिका के कारदार पुष्पेंद्र शर्मा ने श्रीखंड छड़ी यात्रा के 24 साल पूरे होने की विस्तृत जानकारी एवं यात्रा का इतिहास प्रस्तुत गया।
इस दौरान शिव भगवान की पूजा अर्चना की गई और श्रीखंड छड़ी यात्रा समिति ने भारत के विभिन्न राज्यों से आए संतों की पूजा और तिलक लगाकर धार्मिक परंपरा पूरी की गई। श्रीखंड छड़ी यात्रा निरमंड के अध्यक्ष देवराज ने समारोह में पहुंचे आनी के विधायक किशोरीलाल सागर का स्वागत किया। स्वागत समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक किशोरी लाल सागर ने कहा कि श्रीखंड छड़ी यात्रा 24 सालों का सफर पूरा कर चुकी है।
हिमाचल सरकार भी श्रीखंड यात्रा को विश्व मानचित्र पर दर्शाना चाहती है। श्रीखंड महादेव यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों को बेस कैंप से लेकर हर पड़ाव पर लंगर, शौचालय, ठहराव की पूरी व्यवस्था की जाएगी। विधायक ने कहा कि श्रीखंड यात्रियों के लिए दशनामी जूना अखाड़ा मंदिर निरमंड में सराय विश्राम भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा।
35 किलोमीटर पैदल यात्रा करेंगे श्रद्धालु
इस अवसर पर तहसीलदार नीरजा शर्मा, डा. रमेश शर्मा, एमडी अकेला, योगेश भार्गव, विदेश निगम, लोकेश, जोगिंद्र शुक्ल सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। 18570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए 35 किलोमीटर पैदल यात्रा करेगी पड़ेगी।
श्रद्धालुओं को चार से पांच किलोमीटर तक बर्फ का चलना पड़ेगा। इस साल रिकॉर्ड बर्फबारी के कारण भक्तों को सात से आठ ग्लेशियरों को भी लांघना होगा। यात्रा 27 जुलाई तक चलेगी। इसके अलावा सात से आठ नालों को पार करना होगा। जून माह में करीब 800 श्रद्धालु श्रीखंड की यात्रा कर चुके हैं।