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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Amar Ujala Shimla Edition, Many newspapers were published from Shimla even during the British period.

Newspapers Shimla: ब्रिटिशकाल में भी शिमला से छपते थे कई अखबार, पढ़ें रोचक जानकारी

Fri, 02 Sep 2022 11:59 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 02 Sep 2022 11:59 AM IST
सार

फिलहाल भले ही अमर उजाला के अलावा अभी तक किसी बड़े अखबार ने इस स्तर पर शिमला से अपना प्रकाशन शुरू करने जैसा कदम न उठाया हो, लेकिन ब्रितानिया हुकूमत का वह भी दौर भी शिमला ने देखा, जब कई अंग्रेजी समाचार पत्र यहां से छपकर देश-विदेश तक जाते थे। 

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Amar Ujala Shimla Edition, Many newspapers were published from Shimla even during the British period.
ब्रिटिशकाल में भी शिमला से छपते थे कई अखबार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इस शहर ने वह दौर भी देखा है, जब उस जमाने के कई महत्वपूर्ण अखबार यहां से छपे। यह वह समय था, जब अंग्रेज सरकार गर्मियों में देश का शासन यहां से चलाती थी। देश की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के कारण यहां से छपने वाले अखबार सरकार पर अच्छा खासा असर डालते थे। फिलहाल भले ही अमर उजाला के अलावा अभी तक किसी बड़े अखबार ने इस स्तर पर शिमला से अपना प्रकाशन शुरू करने जैसा कदम न उठाया हो, लेकिन ब्रितानिया हुकूमत का वह भी दौर भी शिमला ने देखा, जब कई अंग्रेजी समाचार पत्र यहां से छपकर देश-विदेश तक जाते थे।  शिमला में पत्रकारिता का इतिहास 1848 से शुरू होता है। इस साल यहां पहली प्रेस लगाई गई। ऐलबीयोंन प्रेस के नाम से लगाई गई इस प्रेस में ‘माउंटेन मॉनिटर’ नाम के अखबार को शुरू किया गया। दुर्भाग्य से यह अखबार ज्यादा नहीं चला और जल्दी ही बंद भी हो गया। इस अखबार का पहला अंक 15 मई 1848 को और आखिरी अंक 2 अक्तूबर को छपा। इस अखबार के जितने भी अंक छपे, प्रभावशाली ढंग से छपे। इसके संपादक डा. डब्ल्यूएल मैकग्रीगोर थे।

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1848 में ही शिमला से उर्दू का भी एक अखबार छपा, जिसका नाम ‘शिमला अखबार’ था। लेकिन यह भी जल्द ही बंद हो गया। सन 1850 में शिमला से छपे एक और अखबार ने पहली बार नया प्रयोग किया। इस अखबार में खबरों के लिए कोई जगह नहीं थी तथा केवल विज्ञापन ही छापे जाते थे। इसका नाम ‘शिमला इंटेल्लीजेंसर’ था। यह अखबार दो सालों के भीतर ही दम तोड़ गया। 1952 में इसी तर्ज पर एक और अखबार का प्रकाशन आरंभ हुआ, जिसका नाम ‘शिमला ऐडवरटाइजर’ रखा गया। इस अखबार ने अपनी सफलता के खूब झंडे गाड़े और 12 सालों से भी ज्यादा चला। 1875 से लेकर 1915 तक शिमला ने कई अखबार देखे। इन अखबारों ने पाठकों के दिलों में अपनी जगह भी बनाई। इनमें मुख्य रूप से ‘इंडियन वीकली रिव्यू’, ‘न्यूज ऑफ इंडिया’, ‘शिमला आरग्यूज’, ‘शिमला गार्डियन’, ‘शिमला वीकली’ और ‘द स्पोर्ट्समैन’ जैसे अखबार शुमार हैं। 1925 के बाद शिमला से दो साप्ताहिक अंग्रेजी अखबार भी छापे गए। इन दोनों अखबारों ने ऐसी खबरें छापीं कि ब्रिटिश हुकूमत को कई फै सले बदलने पड़े। ये अखबार ‘द शिमला टाइम्ज’ और लिड्डेल्लज वीकली’ के नाम से छपे। ये दोनों अखबार दूसरे विश्व युद्ध तक छपते रहे। अंग्रेजी दैनिक ‘द ट्रिब्यून’ भी देश के विभाजन के बाद लाहौर से शिफ्ट हो कर कुछ समय के लिए शिमला से छपा। यह अखबार बैंटनी कैसल नाम के मशहूर भवन से छपता था। -डॉ. शशिकांत शर्मा(एचपीयू शिमला में पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर)
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डॉ. शशिकांत शर्मा, एचपीयू शिमला में पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर।

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