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Medhavi Chhatra Samman: बेटियों ने पहने मेडल, सरहद पर तैनात सैनिक पिता का सीना हुआ चौड़ा

Thu, 07 Aug 2025 10:24 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 07 Aug 2025 10:24 AM IST
सार

प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में मेरिट में आने वाले मेधावियों में कई ऐसी बेटियां हैं, जिनके पिता सेना में सेवाएं देकर देश की रक्षा कर रहे हैं। 

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amar ujala medhavi chhatra samman: Daughters wore medals, soldier father posted at the border felt proud
द्रास में तैनात हंसराज और उनकी बेटी साधना, अश्मिता अपने पिता और माता के साथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में मेरिट में आने वाले मेधावियों में कई ऐसी बेटियां हैं, जिनके पिता सेना में सेवाएं देकर देश की रक्षा कर रहे हैं। अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बेटियों को सम्मानित होता देखकर पिता गर्व महसूस कर रहे थे। मंडी जिले के सुंदरनगर की रहने वाली साधना ठाकुर ने दसवीं की परीक्षा में प्रदेशभर में दसवां स्थान हासिल किया है। उनके पिता हंसराज वर्तमान में द्रास सेक्टर में ड्यूटी पर तैनात रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। वहीं बेटी ने कड़ी मेहनत करके प्रदेशभर में अपना और परिवार का नाम रोशन किया है। साधना ने बताया कि उनके पिता हंसराज आजकल छुट्टी पर आए हैं। वह खुद उन्हें लेकर शिमला पहुंचे।

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बेटी को सम्मानित होता देखकर पिता गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। साधना मंडी जिले के सुंदरनगर की रहने वाली हैं। पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण उन्हें शिमला पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि सड़क पर जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण आवाजाही में भी परेशानियां झेलनी पड़ी। मंडी के रिवालसर की रहने वाली अश्मिता के पिता भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिता नीलम कुमार चंदेल वर्तमान में पठानकोट में तैनात हैं। वह भी अपने पिता के साथ सम्मान पाने के लिए शिमला पहुंची थी। बेटी को सम्मानित होता देखकर नीलम कुमार चंदेल काफी खुश दिखे। अश्मिता ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और इसके लिए वह हमीरपुर में नीट की कोचिंग ले रही हैं। बेटी को सम्मान दिलवाने के लिए माता-पिता रिवाल्सर से शिमला के लिए रवाना हुए।

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