Himachal: सीबीएसई से संबद्ध 18 और सरकारी स्कूलों में तीनों संकायों की होगी पढ़ाई, जल्द जारी होगी अधिसूचना
सीबीएसई से संबद्ध 156 राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकाय उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध 156 राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकाय उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग ने 18 ऐसे विद्यालय चिह्नित किए हैं, जहां अभी तक विज्ञान अथवा वाणिज्य संकाय उपलब्ध नहीं था। इन विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से दोनों संकाय शुरू किए जाएंगे और इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी होगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में शिक्षा विभाग से सीबीएसई पैटर्न पर संचालित विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में सामने आया कि 156 में से 18 विद्यालयों में विद्यार्थियों को सभी विषय विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सीबीएसई संबद्ध विद्यालय में छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार सभी संकायों का विकल्प मिलना चाहिए।
जिन विद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू किए जाने हैं, उनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किहाड़, बाड़ा, बड़सर, बतरान, सोहारी, चढ़ियार, कुंसल, लोहारली, सलेटी, कोलनी ढलवान, अपर लंबागांव, निचार, सराहन (कुल्लू), बलदेयां, सैंज, ननखड़ी, कफोटा और बधेड़ा शामिल हैं। इन संस्थानों में अब शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करते हुए विद्यार्थियों के लिए व्यापक विषय विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों में नए संकायों को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं और व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। सरकार का फोकस विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने पर है, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए अधिक अवसर मिल सकें।
प्रदेश सरकार पहले ही 156 विद्यालयों को सीबीएसई पैटर्न के तहत संचालित करने को मंजूरी दे चुकी है। सरकार का दावा है कि इस निर्णय को विद्यार्थियों और अभिभावकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और इन विद्यालयों में छात्र नामांकन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को यह भी निर्देश दिए हैं कि इन विद्यालयों में आवश्यक शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सरकार का कहना है कि सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल, संगीत, कला और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाएगा।