शिक्षा विभाग में अब 7 अप्रैल तक नहीं मिलेंगी छुट्टियां, ये रही वजह
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बारहवीं विधानसभा के 14वें सत्र (बजट सत्र) के चलते शिक्षा विभाग में 20 फरवरी से लेकर सात अप्रैल तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। पहली मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने ये निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के अधिकारियों और उनके तहत काम करने वाले कर्मचारियों को बजट सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय के भीतर देने के आदेश दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने कार्यालय आदेश निकालकर सभी संबंधित अधिकारियों को इस बाबत अवगत करवा दिया है। कहा है कि 20 फरवरी के बाद निर्धारित टूअर और छुट्टियों को रद्द माना जाएगा। बहुत ही जरूरी काम पड़ने पर निदेशक के आदेशों के बाद ही छुट्टी मिलेगी।
बजट सत्र के दौरान कुछ अफसरों और स्टाफ को रात आठ बजे तक भी काम करना पड़ सकता है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने छुट्टियाें पर रोक लगाने के आदेश की पुष्टि की है।
इनकी छुट्टियां हुई हैं रद्द
अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक उच्च निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्ररेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
20 फरवरी तक मांगी विस्तृत जानकारी
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से विस सत्र में दी जाने वाली जरूरी जानकारियों को 20 फरवरी तक भेजने के आदेश दिए हैं। उपनिदेशकों से साल 2008 से दिसंबर 2012 और दिसंबर 2012 से 15 फरवरी 2017 तक शिक्षा विभाग में भरे गए विभिन्न पदों, खाली पदों, तबादलाें, पदोन्नति का ब्योरा मांगा है। सरकार की ओर से घोषित विभिन्न योजनाओं का स्टेटस भी पूछा है