फिलहाल विधायक ही बनेंगे सरकारी स्कूलों के ‘मोती’, यहां जानिए पूरा मामला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने को सरकार की ‘अखंड ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना अब ‘जुगाड़’ से चलेगी। योजना को शुरू करने के लिए विधायकों को ही स्कूलों का ‘मोती’ बनाया जा रहा है।
हालांकि, सरकारी स्कूलों से निकलकर अच्छे ओहदों पर पहुंचे लोगों को सरकार तलाश कर रही है। जब तक सरकार को ऐसे लोग नहीं मिलते, तब तक विधायक ही योजना के साथ जुड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने बजट-2018 में ‘अखंड ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना की घोषणा की थी।
योजना के तहत सरकारी स्कूल से पढ़कर अच्छे ओहदे पर पहुंचे व्यक्ति को सम्मानित कर उस स्कूल का मोती बनाया जाएगा। वह व्यक्ति संबंधित स्कूल संचालन में सहायता भी करेगा। सरकार इन लोगों के समक्ष अपना प्रस्ताव रखेगी।
प्रदेश सरकार ‘जुगाड़’ की तकनीक अपना रही
सहमति के बाद ही उन्हें उस स्कूल का मोती बनाया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा। इसलिए योजना को शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार ‘जुगाड़’ की तकनीक अपना रही है।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि योजना में स्थानीय लोगों और पंचायतों को शामिल किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि ऐसे पूर्व छात्रों को मार्गदर्शक के तौर पर उनके स्कूलों से जोड़ा जाए। इससे स्कूलों के विकास और शिक्षा के स्तर में सुधार में उनकी मदद ली जा सकेगी। सभी विधायकों से भी आग्रह किया गया है कि वे उन स्कूलों से जुड़ें, जहां से उन्होंने पढ़ाई की है।