AIIMS Bilaspur: ‘पीकू’ बनेगा कवच, सुरक्षित रहेगा बचपन
एम्स बिलासपुर में मार्च से बाल चिकित्सा गहन इकाई (पीकू) की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। एम्स प्रबंधन औपचारिकताएं पूरी कर रहा है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में मार्च से बाल चिकित्सा गहन इकाई (पीकू) की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। एम्स प्रबंधन औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। शुरू में इस पीडियाट्रिक इन्टेंसिव केयर यूनिट में छह बिस्तरों की सुविधा मिलेगी। बाद में इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। एम्स प्रबंधन मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। पीकू यूनिट में कुल 6 बेड की सुविधा होगी। यूनिट में एक माह से अधिक और 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भर्ती करने की सुविधा रहेगी। खास बात यह है कि एम्स पीकू में आधुनिक उपकरण स्थापित होंगे।
जिन बच्चों को वेंटिलेटर सुविधा न होने के कारण पीजीआई और प्रदेश से बाहर के अन्य संस्थानों में रेफर किया जाता था, उससे अब लोगों को निजात मिलेगी। पीकू में वेंटिलेटर, सेंट्रल मॉनिटर, वाइटल साइन मॉनिटर 120 (ड्रेजर).वॉल्यूमेट्रिक इन्फ्यूजन पंप, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, बी.पी.एल. (ईसीजी) मशीन, डिफाइब्रिलेटर, इको कार्डियोग्राफी मशीन, कंप्यूटर (जेनिथ), ऑप्थाल्मोस्कोप, डायग्नोस्टिक ओटोस्कोप, लैरिंजोस्कोप पीडियाट्रिक,लेरिंजोस्कोप निओनेट, एक्सरे व्यू बॉक्स, स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर जैसे आधुनिक उपकरण की व्यवस्था होगी। बताते चलें कि एम्स ने 5 अक्तूबर 2023 को अपना एक साल का कार्यकाल पूरा किया है। इस एक साल में संस्थान में कार्डियोलॉजी समेत 21 विभागों की ओपीडी शुरू की गई है। संवाद
609 पहुंची बिस्तरों की संख्या
एम्स प्रबंधन के अनुसार अक्तूबर तक संस्थान में 425 बिस्तरों की सुविधा थी। लेकिन अब करीब 609 तक पहुंच गई है। एम्स ने गायनी, ऑर्थो और सामान्य मेडिसिन की आईपीडी 2023 में शुरू कर दी थी। वहीं अब इन विभागों सहित कुल नौ ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रूमेटोलॉजी, दंत विभाग, एंडोक्रिनोलॉजी की आईपीडी शुरू की है।