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कृषि: खरपतवार की मदद से विकसित होंगी धान की नई किस्में, कृषि वैज्ञानिकों के शोधपत्र में खुलासा

Mon, 07 Apr 2025 11:31 AM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज, शिमला
विश्वास भारद्वाज, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 07 Apr 2025 11:31 AM IST
सार

धान के साथ उगने वाले वीडी राइस खरपतवार के आनुवांशिक गुणों के प्रयोग से धान की नई किस्में विकसित करके रोग और कीट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

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Agriculture: New varieties of paddy will be developed with the help of weeds, revealed in research paper by ag
खरपतवार की मदद से विकसित होंगी धान की नई किस्में। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में खरपतवार की मदद से धान की नई उन्नत किस्में विकसित हो सकती हैं। धान अनुसंधान पर कृषि वैज्ञानिकों के शोधपत्र में यह खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, धान के साथ उगने वाले वीडी राइस खरपतवार के आनुवांशिक गुणों के प्रयोग से धान की नई किस्में विकसित करके रोग और कीट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इतना ही नहीं, चावल में जिंक की कमी को पूरा करने के अलावा जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में भी यह कारगर है। देश के जाने माने कृषि वैज्ञानिक डाॅ. भूपेन चंद्रा की अगुवाई में सीपीआरआई शिमला सहित देश के विभिन्न कृषि अनुसंधान संस्थानों के 16 वैज्ञानिकों के शोधपत्र में वीडी राइस खरपतवार को बेहद उपयोगी बताया गया है।

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यह खरपतवार सामान्यतया धान के साथ उगता है। फसल तैयार होने से पहले ही यह खेतों में झड़ जाता है, जिससे साल दर साल इसके बीज बढ़ रहे हैं। इसे अनुपयोगी मानते हुए कभी इस पर अनुसंधान नहीं किया गया, जबकि धान में लगने वाली बीमारियों के प्रति इसमें प्रतिरोधी क्षमता बहुत ज्यादा है। खेत में खाद न भी डाली जाए, फिर भी यह खरपतवार बहुतायत में पैदा होता है। इसमें विभिन्न पोषक तत्वों के अलावा एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स अधिक मात्रा में मौजूद हैं, इसलिए इसके आनुवांशिक आधार के इस्तेमाल से धान की नई उन्नत किस्में तैयार की जा सकती हैं।

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धान में लगने वाली बीमारियों के प्रति भी इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है। आईसीएआर फार्म विज्ञान केंद्र मणिपुर, आईसीएआर अनुसंधान परिसर त्रिपुरा, उद्यान कॉलेज सिक्किम, दिल्ली विवि, केंद्रीय विवि पंजाब और मोहनलाल सुखाड़िया विवि उदयपुर राजस्थान के अलावा सीपीआरआई शिमला सहित अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से शोध पत्र तैयार किया है।

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धान के साथ उगने वाले खरपतवार वीडी राइस में रोगों और कीटों से लड़ने की क्षमता अधिक पाई गई है। इसके जेनेटिक बेस का प्रयोग कर धान की नई उन्नत किस्मों से उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। गहरी जड़ों के चलते यह गहराई से जिंक निकालने में भी सक्षम है, जिससे चावल में जिंक की कमी दूर की जा सकती है।- डाॅ. अनिल कुमार चौधरी, प्रधान वैज्ञानिक, फसल उत्पादन प्रभाग, सीपीआरआई, शिमला

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