हिमाचल विधानसभा में नहीं पारित हो पाया ये विधेयक, ये है बड़ी वजह
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विधानसभा मानसून सत्र के 11वें और अंतिम दिन हिमाचल प्रदेश कृषि उपज विपणन (संवर्द्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2019 को पारित नहीं किया जा सका। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने सदन में इस बिल पर विचार करने और इसे पारित करने का प्रस्ताव रखा तो भाजपा, कांग्रेस और माकपा तीनों ही दलों के विधायकों ने ऐसा करना जल्दबाजी करार दिया।
विधायकों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने का फैसला लिया। मंत्री के प्रस्ताव के बाद इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि इसमें और पिछले विधेयक में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। प्रदेश में बड़ी कंपनियां लाने की बातें हो रही हैं। वह पूछना चाहते हैं कि यह कानून क्या किसान के पक्ष में बना है या उन लोगों के जो किसानों को लूट रहे हैं।
पहले वाले कानून के अनुसार आढ़तियों को उसी दिन किसानों को भुगतान करना होता है। जो नया कानून बनाया जा रहा है, उसके अनुसार दूसरे दिन भुगतान होगा। हिमाचल में नौ लाख किसान परिवार हैं। इस कानून को बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी को भेजने का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि कृषि से जुडे़ लोगों को भी इस विधेयक को पारित करने से पहले पूछा जाना चाहिए। किन्नौर से कांग्रेस के विधायक जगत सिंह नेगी ने भी कहा कि इस विधेयक में 110 धाराएं लगी हैं। हमारे समय में बने कानून को रिप्लेस किया जा रहा है। बड़ी जल्दबाजी में कानून बन रहे हैं। इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए।
मंत्री बोले, 18 राज्यों से ली विधेयक पर संस्तुति
नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने भी कहा कि इस विधेयक में किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है, इसलिए मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि इसे विधायकों की सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि इस बिल पर देश के 18 राज्यों से संस्तुति ली गई है। इस बिल को इसी सत्र में लाया जाना चाहिए।
सीएम बोले - सेलेक्ट कमेटी को भेजेंगे विधेयक, तीन महीने बाद शीत सत्र में लाएंगे
मंत्री के जवाब के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायकों की राय पर इस बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा। तीन महीने बाद ही विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसे उसमें संशोधित रूप में रखा जाएगा।