फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   after virbhadra dhumal now the politics of generation change in himachal

वीरभद्र-धूमल के बाद अब पीढ़ी परिवर्तन की सियासत, सीएम ने खेला इमोशनल कार्ड

Wed, 10 Jan 2018 02:17 PM IST
अरुणेश पठानिया, अमर उजाला, तपोवन
अरुणेश पठानिया, अमर उजाला, तपोवन Updated Wed, 10 Jan 2018 02:17 PM IST
विज्ञापन
 after virbhadra dhumal now the politics of generation change in himachal

हिमाचल की राजनीति में धूमल और वीरभद्र की सियासी जंग के अंत के बाद पहली बार तपोवन के सदन में पीढ़ी परिवर्तन की सियासत शुरू हुई। दो दशक के बाद सदन में भाजपा और कांग्रेस ने नए सियासी रिश्तों के सहारे आगे की राजनीतिक पारी का आगाज किया। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मिलकर राजनीतिक रिश्तों पर जमी पुरानी सियासी बर्फ को पिघलाने का दांव चला। अब सियासी मोर्चे पर सत्ता और विपक्ष के तेवर इन दोनों नेताओं की सियासी सूझबूझ पर टिके हैं। 
विज्ञापन


इसकी शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से हो गई है। कांग्रेस विधायक दल ने राजीव बिंदल का समर्थन कर सत्ता पक्ष से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा हासिल करने का दांव चल दिया है, जबकि जयराम की असल परीक्षा राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में विपक्ष को शांत रखने से होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सत्ता पक्ष के समक्ष दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया

 after virbhadra dhumal now the politics of generation change in himachal

नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी बेवजह सरकार को न घेरने की बात कहकर सत्ता पक्ष के समक्ष दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष में नई पीढ़ी के आगाज की बात कहकर रचनात्मक सहयोग से सरकार को चलाने की पिछले दो दिन से दुहाई देते दिखे।

जयराम और मुकेश को अब 23 नए विधायकों की एंट्री और पुराने दिग्गजों की विदाई नए सियासी समीकरणों के मुफीद दिख रही है। उधर, चार दिन के सत्र के पहले दिन सदस्यों के शपथ ग्रहण के दौरान माहौल खुशनुमा रहा। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे से गले मिलते दिखे।

अंदर का दोस्ताना माहौल मंगलवार रात को दोनों ओर के विधायक दलों की बैठक में तय हुई सोची-समझी सियासत का हिस्सा बन गया। चार दिन के सत्र में अगले दो दिन बेहद अहम हैं।

भाजपा की रणनीति विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के साथ राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा के दौरान विपक्ष को शांत रखने की चुनौती है। जयराम सरकार ने इसके लिए रणनीति तय कर दी है।

बिंदल के पक्ष मुकेश भी देंगे प्रस्ताव

 after virbhadra dhumal now the politics of generation change in himachal

उन्होंने नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री से चर्चा भी की। मुकेश ने भी सदन में सार्थक विपक्ष की भूमिका निभाने का वादा किया। उन्होंने इसका जिक्र सदन से बाहर भी किया। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस राजीव बिंदल के मुकाबले में कोई उम्मीदवार नहीं उतार रही है।

इतना ही नहीं बिंदल के पक्ष में मुकेश भी प्रस्ताव देंगे। इसकी एक वजह वर्ष 2012 में बृज बिहारी लाल बुटेल के खिलाफ भाजपा के कोई प्रत्याशी नहीं उतारने से जोड़कर देखा जा रहा है। 

कांग्रेस की साख से जुड़ा नेता प्रतिपक्ष का दर्जा
नेता प्रतिपक्ष का दर्जा असल में कांग्रेस की साख से जुड़ गया है। कांग्रेस अब इस इंतजार में है कि भाजपा उनके विधायक दल के नेता को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दे जिस पर जयराम सरकार रचनात्मक सहयोग के वादे के अलावा अभी अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं दिख रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed