हिमाचली सिखों ने भी मांगी अलग एसजीपीसी
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हरियाणा में अलग एसजीपीसी को मांग को लेकर अभी विवाद खत्म नहीं हुआ है कि अब हिमाचल में रह रहे सिक्खों ने भी अलग एसजीपीसी की मांग उठाई है।
हिमाचल सिख यूथ फेडरेशन ने हिमाचल के सिखों को भी हरियाणा के सिखों की तर्ज पर हिमाचल में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए प्रयास करने को कहा है।
उनके मुताबिक लंबे समय से एसजीपीसी द्वारा अनदेखी किए जाने पर हिमाचल के सिखों को भी आगे आना चाहिए। यह बात मंगलवार को अपने संयुक्त बयान में गुरु नानक मिशन संस्था, हिमाचल सिख यूथ फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कही।
बादल से पूछा हमारे दुखों में कब शरीक हुए?
उन्होंने कहा कि हिमाचल में सिखों की अढ़ाई लाख के करीब आबादी है और 50 के करीब ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं। उन्होंने सवाल किया कि हिमाचल में सिखी के प्रचार-प्रसार के लिए एसजीपीसी ने क्या किया।
गुरपलाह में खोला गया हिमाचल सिख मिशन का कार्यालय फंडों की कमी के चलते केवल कुछ एक क्षेत्र तक सिमटकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बताएं कि वह हिमाचल में अपनी हिमायती पार्टी के लिए वोट मांगने के अलावा सिखों के दुख -सुख में कब-कब शरीक हुए।
हमारे लिए कितने स्कूल एवं कॉलेज खोले?
उन्होंने एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ से पूछा कि हिमाचल में सिखों के उत्थान के लिए कितने स्कूल एवं कालेज चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब से बाहर रहते सिखों की सार न लेने की वजह से आज यह दिन देखने को मिला है। हरियाणा के सिखों ने देर से सही पर ठीक कदम उठाया है।
हिमाचल के सिखों को भी हरियाणा के सिखों की तर्ज पर हिमाचल में लग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए।