भ्रूण लिंग जांच मामलाः इन कर्मचारियों को सम्मानित करेगा प्रशासन
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बिलासपुर के घुमारवीं में भ्रूण लिंग जांच कराने के गोरखधंधे का पर्दाफाश करने वाली टीम को हमीरपुर प्रशासन सम्मानित करेगा। टीम में मुख्य भूमिका हमीरपुर टौणीदेवी ब्लॉक की एक महिला, बाल विकास अधिकारी टौणीदेवी और महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर पूजा ने निभाई है।
हालांकि, निजी क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच के स्टिंग की पटकथा जिला प्रशासन ने ही लिखी, लेकिन नाटकीय अंदाज में मुख्य किरदार इन तीनों ने ही निभाया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत पूर्व में हुई बैठक में हमीरपुर जिले की महिलाओं को भ्रूण की रक्षा के लिए जागरूक किया गया था।
बैठक की अध्यक्षता एसडीएम अरिंदम चौधरी ने की थी। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्कर के जरिये गर्भवती महिलाओं की मॉनीटरिंग के बारे में बताया गया था। स्टिंग की रूपरेखा की जानकारी उन्होंने उपायुक्त को दी।
लिंग जांच के गोरखधंधे की मिली थी सूचना
इसके बाद डीसी, एसपी, एसडीएम और सीडीपीओ समेत चार अधिकारियों ने लिंग जांच करने वाले क्लीनिकों का पता लगाकर इनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए। बीते शनिवार को हमीरपुर की टीम नादौन की महिला बिचौलिया की मदद से घुमारवीं पहुंची और भ्रूण लिंग जांच के रैकेट का भंडाफोड़ किया।
एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्राइवेट क्लीनिक में भ्रूण लिंग की जांच का गोरखधंधा चल रहा है। इसकी जानकारी उपायुक्त को दी गई।
इसके बाद एक गर्भवती महिला, सीडीपीओ और महिला पुलिस उपनिरीक्षक की मदद से इसका भंडाफोड़ किया गया। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भविष्य में भी कारगर कदम उठाए जाएंगे। स्टिंग करने वाली टीम को सम्मानित करवाया जाएगा।