पार्किंग में कारोबार चलाने वाले भवन मालिकों पर होगी कार्रवाई
सड़क के साथ बने भवनों में पार्किंग बंद कर अपना कारोबार चलाने वाले भवन मालिकों पर कार्रवाई होगी। सरकार ने टीसीपी और शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे उन भवन मालिकों पर कार्रवाई करें, जिन्होंने पार्किंग की जगह दुकानें या अन्य कारोबार चलाए हैं और अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर रहे हैं। शहरों में अकसर जाम लगने का कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियां खड़ा करना है। इससे दुर्घटना की अधिक संभावनाएं होती हैं। सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और शहरी निकायों ने सड़क से सटे भवन मालिकों के लिए भवन की एक मंजिल पर पार्किंग निशुल्क दी है।
एनजीटी के आदेशों से पहले शिमला प्लानिंग एरिया में जहां ‘फोर प्लस वन’ भवन बनाने की अनुमति है, वहां पार्किंग को एक मंजिल अतिरिक्त दी है। इसी तरह जिन क्षेत्रों में ढाई मंजिला भवन बनाने की स्वीकृति है, अगर वहां सड़क है तो भवन में एक मंजिला अतिरिक्त पार्किंग दी जाती है। घर-द्वार पर सड़क पहुंचने पर लोग पार्किंग में अपना कारोबार शुरू कर रहे हैं और गाड़ियां सड़क में खड़ी कर रहे हैं। शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, मनाली, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा आदि शहरी क्षेत्रों में यही स्थिति है।
शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला भवन
एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला भवन बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें चाहे ओपन एरिया हो या फिर प्रतिबंधित, लोगों को मंजिलें ढाई ही मिलेंगी। सरकार एनजीटी के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है।
पार्किंग बंद कर वहां कारोबार चलाने वाले भवन मालिकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लोगों को मंजिल में पार्किंग मुफ्त दी गई है। इसका फायदा उठाकर लोग पार्किंग में कारोबार चला रहे हैं और गाड़ियां सड़क पर खड़ी कर रहे हैं। - बीके अग्रवाल, मुख्य सचिव