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Shimla News: बैंक से 95 लाख की ठगी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार
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पांच लोगों ने फ्लैट बनाने के लिए बैंक से फर्जी दस्तावेजों पर लिया था ऋणपुलिस ने अदालत में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लाखों रुपये का ऋण लेने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान विक्रम चंदेल (35), उपमंडल ठियोग निवासी के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 13 मई तक रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक अंतरिम जमानत खारिज होने पर आरोपी ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह मामला छोटा शिमला थाना के तहत कसुम्पटी क्षेत्र का है। शिकायत के मुताबिक साल 2016-17 में पांच लोगों ने बीकानेर-जयपुर बैंक से सोलन में मकान (फ्लैट) बनाने के लिए ऋण लिया था। चार लोगों ने 20-20 लाख और एक ने 15 लाख रुपये ऋण लिया था। कुछ महीनों बाद पता चला कि बैंक से लिए गए ऋण से आरोपियों ने कुछ भी नहीं बनाया है। इस दौरान यह बैंक भारतीय स्टेट बैंक में मर्ज हो गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने इस पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि बैंक को करीब 95 लाख का चुना लगा है। आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर बैंक से ऋण लिया है। दस्तावेजों में तहसीलदार की रिपोर्ट भी फर्जी निकली। आरोपियों ने सरकारी अभिलेखों में फर्जी तरीके से प्रविष्टि कर दी थीं। इसके बाद 3 मार्च 2021 को बैंक मैनेजर ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई। उधर, पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर सुखवीर सिंह और पंकज को गिरफ्तार करने के बाद मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। संवाद
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आरोपी खुद की बन गए थे तहसीलदार
अभी तक की जांच के मुताबिक आरोपियों ने बैक ऋण के दस्तावेजों पर फर्जी प्रविष्टियां कर ठगी की है। आरोपी खुद की तहसीलदार बन गए थे। आरोपियों ने तहसीलदार की स्टैंप (मोहर) बनाकर फर्जी साइन करके दस्तावेज से ऋण लिया था। अब पुलिस पता लगा रही कि आरोपियों ने तहसीलदार की स्टैंप कहां से बनवाई थी। इसके अलावा लोन के लिए फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार किए थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लाखों रुपये का ऋण लेने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान विक्रम चंदेल (35), उपमंडल ठियोग निवासी के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 13 मई तक रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक अंतरिम जमानत खारिज होने पर आरोपी ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह मामला छोटा शिमला थाना के तहत कसुम्पटी क्षेत्र का है। शिकायत के मुताबिक साल 2016-17 में पांच लोगों ने बीकानेर-जयपुर बैंक से सोलन में मकान (फ्लैट) बनाने के लिए ऋण लिया था। चार लोगों ने 20-20 लाख और एक ने 15 लाख रुपये ऋण लिया था। कुछ महीनों बाद पता चला कि बैंक से लिए गए ऋण से आरोपियों ने कुछ भी नहीं बनाया है। इस दौरान यह बैंक भारतीय स्टेट बैंक में मर्ज हो गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने इस पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि बैंक को करीब 95 लाख का चुना लगा है। आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर बैंक से ऋण लिया है। दस्तावेजों में तहसीलदार की रिपोर्ट भी फर्जी निकली। आरोपियों ने सरकारी अभिलेखों में फर्जी तरीके से प्रविष्टि कर दी थीं। इसके बाद 3 मार्च 2021 को बैंक मैनेजर ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई। उधर, पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर सुखवीर सिंह और पंकज को गिरफ्तार करने के बाद मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। संवाद
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आरोपी खुद की बन गए थे तहसीलदार
अभी तक की जांच के मुताबिक आरोपियों ने बैक ऋण के दस्तावेजों पर फर्जी प्रविष्टियां कर ठगी की है। आरोपी खुद की तहसीलदार बन गए थे। आरोपियों ने तहसीलदार की स्टैंप (मोहर) बनाकर फर्जी साइन करके दस्तावेज से ऋण लिया था। अब पुलिस पता लगा रही कि आरोपियों ने तहसीलदार की स्टैंप कहां से बनवाई थी। इसके अलावा लोन के लिए फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार किए थे।
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