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Shimla News: कुलपति दफ्तर के बाहर एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
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संस्थानों में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया
छात्र संघ चुनाव बहाल करने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उच्च शिक्षा में लगातार बढ़ रही समस्याओं के विरोध में कुलपति कार्यालय के बाहर मूक प्रदर्शन किया। छात्रों, शोधार्थियों और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या ने इसमें हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के बाद परिषद की वक्ता शिवांगी ने कहा कि कई महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्रों में क्लास रूम, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, स्वच्छ पेयजल और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। परिषद ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई। एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय और एसपीयू में परिणामों में देरी, पारदर्शिता की कमी और गलत मूल्यांकन ने छात्रों के रिकॉर्ड और कॅरिअर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मूल्यांकन को डिजिटल और समयबद्ध बनाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि वर्षों से छात्र संघ चुनाव न होने के कारण छात्र नेतृत्व दब गया है और समस्याएं रखने का कोई प्रभावी मंच नहीं बचा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अधूरे क्रियान्वयन पर भी परिषद ने सवाल उठाते हुए कहा कि नीति के पूर्ण रूप से लागू न होने से हिमाचल के छात्र राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास नशा खोरी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को भी चिंताजनक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के अंत में परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मुद्दों पर तत्काल कदम नहीं उठाए तो संगठन प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेगा।
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छात्र संघ चुनाव बहाल करने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उच्च शिक्षा में लगातार बढ़ रही समस्याओं के विरोध में कुलपति कार्यालय के बाहर मूक प्रदर्शन किया। छात्रों, शोधार्थियों और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या ने इसमें हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के बाद परिषद की वक्ता शिवांगी ने कहा कि कई महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्रों में क्लास रूम, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, स्वच्छ पेयजल और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। परिषद ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई। एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय और एसपीयू में परिणामों में देरी, पारदर्शिता की कमी और गलत मूल्यांकन ने छात्रों के रिकॉर्ड और कॅरिअर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मूल्यांकन को डिजिटल और समयबद्ध बनाने की मांग रखी।
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उन्होंने कहा कि वर्षों से छात्र संघ चुनाव न होने के कारण छात्र नेतृत्व दब गया है और समस्याएं रखने का कोई प्रभावी मंच नहीं बचा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अधूरे क्रियान्वयन पर भी परिषद ने सवाल उठाते हुए कहा कि नीति के पूर्ण रूप से लागू न होने से हिमाचल के छात्र राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास नशा खोरी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को भी चिंताजनक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के अंत में परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मुद्दों पर तत्काल कदम नहीं उठाए तो संगठन प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेगा।
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