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देवभूमि में संस्कृत भाषा को मिले उसका स्थान : एबीवीपी
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश में तीसरी से पांचवीं कक्षा तक संस्कृत विषय को हटाने के निर्णय का विरोध किया है। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने सरकार से संस्कृत को प्रदेश की दूसरी राजभाषा के रूप में पढ़ाए जाने के पूर्व सरकार के फैसले को लागू रखे जाने की मांग की है ताकि संस्कृत भाषा को उचित सम्म्मान मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के बाद बोर्ड ने संस्कृत की किताबों भी नहीं छापी है। बोर्ड ने पिछले वर्ष प्रिंट की गई संस्कृत विषय की किताबों को स्कूलों के पुस्तकालय में रखने का निर्णय लिया है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि संस्कृत पढ़ाने के लिए शिक्षक न होने से सरकार ने विषय बंद करने की अधिसूचना जारी है। आकाश नेगी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती तो एबीवीपी इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।
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शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश में तीसरी से पांचवीं कक्षा तक संस्कृत विषय को हटाने के निर्णय का विरोध किया है। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने सरकार से संस्कृत को प्रदेश की दूसरी राजभाषा के रूप में पढ़ाए जाने के पूर्व सरकार के फैसले को लागू रखे जाने की मांग की है ताकि संस्कृत भाषा को उचित सम्म्मान मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के बाद बोर्ड ने संस्कृत की किताबों भी नहीं छापी है। बोर्ड ने पिछले वर्ष प्रिंट की गई संस्कृत विषय की किताबों को स्कूलों के पुस्तकालय में रखने का निर्णय लिया है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि संस्कृत पढ़ाने के लिए शिक्षक न होने से सरकार ने विषय बंद करने की अधिसूचना जारी है। आकाश नेगी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती तो एबीवीपी इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।
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