अदालत के खिलाफ गए महंत, लिखे विवादित शब्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद क्षेत्र के प्रसिद्ध मार्कंडेय मंदिर के बाहर फिर से जाति विशेष के प्रवेश पर प्रतिबंध को दर्शाने वाले शब्द लिख दिए हैं। प्रशासन ने मंदिर महंत के खिलाफ सख्त रुख इख्तियार कर लिया।
हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना मानते हुए महंत और दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर दो दिन पूर्व ऋषि मार्कंडेय मंदिर में प्रशासन ने जाति विशेष के प्रवेश पर प्रतिबंध को दर्शाने वाले साइनबोर्ड को मिटा दिया था।
दूसरे ही दिन मंदिर के महंत ने प्रशासन द्वारा लिखे ‘यह मंदिर सभी जाति, धर्म समुदाय के लिए खुला है’ साइन बोर्ड को मिटाकर फिर विशेष जाति के प्रवेश पर प्रतिबंध वाले शब्द लिखवा दिए। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर के महंत केवल पूरी और दो अन्य लोगों पर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट एक्ट की धारा 5/7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्रशासन ने की थी कार्रवाई
हैरत है कि मंदिर क्षेत्र में पुलिस की गारद तैनात होने के बावजूद ऐसा हुआ है। दो दिन पूर्व एसडीएम सदर डा. एमएल मेहता ने पुलिस के साथ मौके पर जाकर स्वयं वहां पर लगे बोर्ड से विवादित शब्द मिटा दिए थे।
प्रशासन द्वारा लिखे गए शब्दों को मिटाकर फिर जाति विशेष के प्रवेश पर प्रतिबंध दर्शाने वाले विवादित शब्द लिखने के मामले का पता लगते ही एसडीएम ने पुलिस को इस बारे जांच के आदेश दे दिए। सदर पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद महात्मा केवल पूरी, दयाल चंद और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मार्कंडेय मंदिर में विशेष जाति के प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित शब्दों पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीएम बिलासपुर को आदेश दिए थे कि वह साइन बोर्ड लगाकर स्थिति स्पष्ट करें कि मंदिर में सभी के लोगों को जाने की अनुमति है।