अब इसके बिना नहीं होगी स्कूल में एडमिशन
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प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए भी अब आधार कार्ड नंबर को अनिवार्य कर दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2016-17 में आधार कार्ड नंबर देने के बाद ही स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। वर्तमान सत्र के लिए राज्स सरकार ने 5 साल से लेकर 18 साल तक की आयु के सभी स्कूली बच्चों के आधार नंबर तीस सितंबर तक स्कूलों के एनरोलमेंट रजिस्टरों में दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
यही नहीं स्कूल हाजिरी, छात्रवृत्ति, मिड-डे-मील, निशुल्क वर्दी, निशुल्क यात्रा और निशुल्क किताबों की योजना को भी आधार कार्ड नंबर से जोड़ा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आधार कार्ड बनने पर हर छात्र का एक नंबर तैयार होगा। संबंधित छात्र को दी जाने वाली हर सुविधा की मॉनिटरिंग करना भी इससे आसान हो जाएगा। संबंधित विभागों को भी रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी। विभाग के कई कामों का इस योजना से सरलीकरण होगा। आधार कार्ड बनाने के बाद उसे बच्चों के पते पर भेजा जाएगा।
निदेशक को बनाया नोडल अधिकारी
आधार कार्ड योजना की शिक्षा विभाग में मॉनिटरिंग करने के लिए सरकार ने उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल आफिसर नियुक्त किया है। उच्च शिक्षा निदेशक का कहना है कि पांच से 18 साल तक की आयु के करीब 48 फीसदी बच्चों के ही अभी तक आधार कार्ड बने हैं। ऐसे में सभी बच्चों को इस दायरे में लाने के लिए प्रयास तेज करने होंगे। सभी स्कूलों में आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाने की भी शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू की है। यूआईडीएआई के साथ शिक्षा विभाग साल 2015-16 में कैंप लगाएगा। संबंधित स्कूलों को जल्द इसकी सूचना जारी होगी।
उच्च शिक्षा निदेशक डा. दिनकर बुराथोकी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को आदेश जारी कर हर छात्र का आधार कार्ड नंबर के साथ रिकार्ड तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर से पहले सभी स्कूलों के एनरोलमेंट रजिस्टरों में आधार कार्ड नंबर की जानकारी के साथ दर्ज हो जाने चाहिए। आदेशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात भी कही है।