शुक्र है कि स्कूल में छुट्टी थी नहीं तो...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा के लंज क्षेत्र के साथ लगते मसरूर में बारिश और तूफान से राजकीय प्राथमिक पाठशाला के कमरों पर भारी भरकम पेड़ गिर गया।
इससे स्कूल के दोनों कमरे क्षतिग्रस्त हो गए। मगर गनीमत रही कि रविवार को छुट्टी होने के चलते बच्चे स्कूल में नहीं थे।
स्थानीय लोगों की मानें तो कई बार स्कूल प्रबंधन को आंगन में खड़े सूखे आम के वृक्ष कटवाने के लिए कहा गया था, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया। रविवार को यह घटना 11 बजे घटी।
समय से जागता प्रशासन तो नही होती घटना
पंचायत और एसएमसी कमेटी का कोई भी सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। जबकि, नगरोटा सूरियां से सेंटर हेड टीचर राजेश कुमारी मौके पर पहुंच गई थी। कुलदीप सिंह, राम सिंह, महिंद्र सिंह, दिलवर सिंह, राकेश कुमार ने बताया कि इस स्कूल में करीब 30 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं।
अब यह चिंता सताने लगी है कि बच्चे कहां बैठेंगे। अब यह दोबारा भी नहीं बन सकता है। क्योंकि पुरातत्व विभाग ने पहले ही इस जगह पर किसी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा। सेंटर हेड टीचर राजेश कुमारी ने कहा कि तूफान व भारी बारिश के कारण ऐसा हुआ है।
हमने कई बार इस पेड़ को कटवाने की बात कही, लेकिन पुरातत्व विभाग इस जगह पर किसी प्रकार का काम नहीं करने देता। इस वजह से स्कूल प्रशासन इस सूखे पेड़ को नहीं कटवा सका।