{"_id":"60d0803cfb25532b876b6a2f","slug":"a-sick-woman-carried-on-back-by-villagers-to-the-road-25-km-away","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुल्लू: पेट दर्द से कराहती महिला को 25 किमी कुर्सी-पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुल्लू: पेट दर्द से कराहती महिला को 25 किमी कुर्सी-पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाई
Mon, 21 Jun 2021 06:14 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, न्यूली (कुल्लू)
अमर उजाला नेटवर्क, न्यूली (कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 21 Jun 2021 06:14 PM IST
सार
शाक्टी मरोड़ गांव के लिए करीब चार घंटे का सफर है। रास्ता बेहद खतरनाक होने के कारण ग्रामीणों ने उसे सुबह ही कुर्सी व पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। गांव तक सड़क न निकाले जाने को लेकर ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष है।
विज्ञापन
पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाई बीमार महिला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र आज भी सड़क की सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीण पीठ पर बोझा ढोने को मजबूर है। बीमारी की हालत में मरीजों को कई किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ऐसा ही मामला उपमंडल बंजार की गाड़ापारली पंचायत के दुर्गम गांव शाक्टी में सामने आया। गांव की महिला को ग्रामीणों ने 25 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया। महिला हरा दासी (45) पत्नी लग्न चंद को पेट में दर्द था।
विज्ञापन
जब उसका दर्द कम नहीं हुआ तो सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उसे कुर्सी और पीठ पर उठाकर ही मुख्य सड़क निहारनी तक पहुंचाया। सैंज में एक निजी क्लीनिक में महिला का उपचार किया गया। अब महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पहाड़ी रास्ते से ग्रामीणों ने महिला को कुर्सी और पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। गांव तक सड़क नहीं निकाले जाने को लेकर ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष है।
विज्ञापन
पंचायत प्रधान यमुना देवी, उपप्रधान अजय, पंचायत समिति सदस्य शैंशर धर्मपाल, वार्ड पंच निर्मला देवी ने कहा कि गांव सड़क से 25 किमी दूर है। गांव की पैदल रास्तों की हालत भी खस्ता है। जब कोई बीमार पड़ जाता है तो ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
कई बार मरीज आधे रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। सैंज संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि समिति ने शाक्टी और मरोड़ गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है। अभी मामला ठंडे बस्ते में है। पैदल रास्तों की मरम्मत भी नहीं हो रही है। शाक्टी और मरोड़ के लिए एंबुलेंस सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए। बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि सड़क के लिए प्रपोजल बनाया गया है। अगर लोग जमीन देते हैं तो सड़क की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।