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आधार कार्ड ने लौटाई इस परिवार की खुशियां, 16 साल बाद घर लौटा बुजुर्ग

Sat, 27 May 2017 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 27 May 2017 11:49 AM IST
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 A Person returned Back to His Home after 16 Years Due to Aadhar Card.

16 साल से घर से गायब चल रहे एक बुजुर्ग को आधार कार्ड ने उसके परिवारवालों से मिला दिया। बुजुर्ग पिता के घर लौटते ही बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े। शिमला में मजदूरी का काम करने वाला शरीफ आखिरकार अपने घर वापस लौट गया।

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पुलिस के अनुसार 16 साल पहले रूठकर घर से चले गए एक बुजुर्ग को आधार कार्ड ने फिर मिलवा दिया। जब वह घर लौटा तो परिवार वालों की खुशी की सीमा नहीं रही। परिवार के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं था।
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घरोटा इलाके के कोट मोड़ा खत्रियां (भलावल) निवासी मोहम्मद शरीफ हुसैन छह मई 2001 को अपने परिवार वालों से रूठकर चला गया था। वह हिमाचल प्रदेश के कोटखाई (शिमला) में जाकर मजदूरी करने लगा।

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आधार कार्ड लेकर आया खुशियां, ऐसे हुई घर वापसी

 A Person returned Back to His Home after 16 Years Due to Aadhar Card.

शरीफ घर पर पत्नी और नौ बच्चों (छह बेटियां और तीन बेटे) को छोड़ गया था। शिमला में जिनके यहां वह काम करता था, कुछ दिनों पहले उन लोगों ने मोहम्मद शरीफ का आधार कार्ड बनवाया।

इसके लिए शरीफ ने अपने घर का पता दिया, लेकिन उसने निवेदन किया आधार कार्ड शिमला में उसके निवास स्थान पर भेजा जाए, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आधार कार्ड सीधे उसके मूल पते पर घर पहुंचा।

जब उसकी पत्नी शूमी बीबी को आधार कार्ड मिला तो उसने यह बात परिवार वालों को बताई। परिवार वालों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो मामला परत दर परत खुलता गया।

शिमला भेजी गई पुलिस टीम और परिवार के सदस्य हामिद ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और गुलाम हुसैन को वहां से जम्मू ले आई। पुलिस जब शरीफ को शिमला से लेकर चलने लगी तो वहां उसके जानने वालों की आंखों में आंसू आ गए।

लोगों को कहना था कि शरीफ ने अपने व्यवहार से सभी को खुश रखा। शरीफ को उसके परिवार से मिलाने में घरोटा थाना प्रभारी सचिंदरपाल सिंह ने बड़ी भूमिका निभाई।

पत्नी बोली, अब नहीं जाने दूंगी कहीं

 A Person returned Back to His Home after 16 Years Due to Aadhar Card.

शरीफ के जम्मू लौटने पर पूरा परिवार खुश है। परिवार वालों के आंखों में खुशी के आंसू हैं। पत्नी शूमा बीबी का कहना है कि वह काफी कमजोर हो गए हैं। अब उनकी नाराजगी दूर कर उन्हें कहीं नहीं जाने देंगी।

उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उनका सबसे छोटा बेटा शेरू जिसकी उम्र 18 वर्ष है, वह अपने पिता को देख सबसे ज्यादा खुश है।

नहीं देख पाया बेटियों की विदाई
जिस वक्त शरीफ ने घर छोड़ा था तो उसकी एक ही बेटी की शादी हो गई थी। वह अपनी तंगहाली से परेशान था। घर छोड़ने के बाद उसकी चार बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी है। शूमी बेगम का कहना था कि अब शरीफ ही अपने अन्य बच्चों की शादी करवाएंगे।

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