टीजीटी ने फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर ली नौकरी, अब ऐसे हुआ खुलासा
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जिला हमीरपुर में महिला टीजीटी ने फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पहले शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की और सेवाकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त भी हो गई। बीते वर्ष इस मामले की शिकायत पहुंची तो शिक्षा विभाग ने जांच बैठा दी।
जांच में खुलासा हुआ है कि शिक्षिका ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नौकरी हासिल की है जबकि वह सामान्य वर्ग से है। शिक्षिका बीते 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गई हैं।
जांच रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय शिमला को भेज दी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले इसी हफ्ते कुल्लू जिला में भी ओबीसी का फर्जी प्रमाण पत्र देकर एक महिला ने पीईटी अध्यापक का पद हासिल करने का मामला सामने आया था।
महिला ने किया है अंतरजातीय विवाह
बाद में जांच रिपोर्ट में मामले का खुलासा होने पर महिला अध्यापक से 48 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश जारी हुए। अब हमीरपुर के मामले में भी रिकवरी के आदेश हो सकते हैं।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक आरसी कटोच ने बताया कि महिला ने नौकरी अनुसूचित जाति कोटे में जाली सर्टिफिकेट से हासिल की थी। वर्तमान में वह विभाग से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
हालांकि महिला अध्यापक ने अंतरजातीय विवाह किया है। लेकिन कानून के मुताबिक विवाह के बाद दंपति की जाति नहीं बदली जा सकती। मामले की जांच रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेजी जा चुकी है।