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Shimla News: डीडीयू में एक दवा काउंटर मरीज झेल रहे हैैं परेशानी
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महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग काउंटर नहीं
दवा के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डीडीयू अस्पताल की रूटीन ओपीडी में उपचार के बाद दवा लेने डिस्पेंसरी आ रहे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में स्थिति आने वाले मरीजों के लिए दवा का एक छोटा सा काउंटर है। इस काउंटर पर रोजाना हजारों मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि साथ में टेस्ट फार्म भरने वाला काउंटर भी है, ऐसे में अतिरिक्त भीड़ के कारण मरीज दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल की मेडिसिन, ऑर्थो, बाल रोग, सर्जरी, गायनी, चर्मरोग, नेत्ररोग, ईएनटी के अलावा डेंटल की ओपीडी है। यहां करीब 1000 मरीज औसतन उपचार करवाते हैं लेकिन जब मरीज दवा लेने के लिए आते हैं तो यहां अन्य अस्पतालों में नियमों के तहत महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग दवा काउंटर नहीं हैं। इस कारण लोगों को परेशानी होती है। न्यू शिमला के दीपक, संजौली के वीर सिंह और टुटू की सुनीता ने पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग काउंटर खोलने की मांग की है।
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दवा के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डीडीयू अस्पताल की रूटीन ओपीडी में उपचार के बाद दवा लेने डिस्पेंसरी आ रहे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में स्थिति आने वाले मरीजों के लिए दवा का एक छोटा सा काउंटर है। इस काउंटर पर रोजाना हजारों मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि साथ में टेस्ट फार्म भरने वाला काउंटर भी है, ऐसे में अतिरिक्त भीड़ के कारण मरीज दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल की मेडिसिन, ऑर्थो, बाल रोग, सर्जरी, गायनी, चर्मरोग, नेत्ररोग, ईएनटी के अलावा डेंटल की ओपीडी है। यहां करीब 1000 मरीज औसतन उपचार करवाते हैं लेकिन जब मरीज दवा लेने के लिए आते हैं तो यहां अन्य अस्पतालों में नियमों के तहत महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग दवा काउंटर नहीं हैं। इस कारण लोगों को परेशानी होती है। न्यू शिमला के दीपक, संजौली के वीर सिंह और टुटू की सुनीता ने पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग काउंटर खोलने की मांग की है।