शिमला में दवा के लिए 83 साल की बुजुर्ग को दिन भर दौड़ाया
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प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद मुफ्त मेडिसन काउंटर तो शुरू हो गए हैं लेकिन काउंटर पर मरीजों को दवाएं नहीं मिल रही हैं। शुक्रवार को आईजीएमसी में ऐसा ही मामला पेश आया। लक्कड़ बाजार की रहने वाली संतोष सूद (83) कार्डियोलॉजी में उपचार करवाने आई।
प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सकों ने पर्ची पर दवाएं लिखी। जब बुजुर्ग महिला दवा लेने काउंटर पर पहुंची तो यहां पर दवा देने से मना कर दिया। तर्क दिया गया कि यह दवाएं यहां नहीं है।
इसके बाद जब महिला अस्पताल प्रबंधन के कार्यालय पहुंची तो यहां पर माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के साथ बैठक होने के बाद प्रबंधन ने संबंधित अधिकारी के कार्यालय भेज दिया। जब महिला यहां आई तो उन्हें अधिकारी नहीं मिल पाए।
करीब आधा घंटा बुजुर्ग ने अधिकारी का इंतजार किया। संतोष सूद ने बताया कि वह गरीब परिवार से संबंध रखती है। चिकित्सक बार बार दवाएं बदलते हैं, इसलिए बार बार वह मुफ्त मेडिसन काउंटर पर जाकर दवाएं लेने जाती हैं, हर बार यह कहा जाता है कि यह दवाएं यहां नहीं मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार प्रबंधन दावा करता है कि सभी दवाएं मिलेंगी, लेकिन जब दवाएं लेने आते है तो वह मिल नहीं पाती हैं। उन्होंने बताया कि यह दवाएं महंगी दरों पर बाहर से खरीदनी पड़ रही है। उधर, इस बारे में जब अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।