कंपनी के बजाय एमसी के खाते में जमा करवा दिए पानी के बिल, हजारों लोगों का पैसा फंसा
पानी के बिल नगर निगम की वेबसाइट पर आनलाइन जमा करवाना कई उपभोक्ताओं को महंगा पड़ गया है। इन्हें अब दोबारा से बिल जमा करवाना पड़ रहा है। शहर में पेयजल व्यवस्था शिमला जल प्रबंधन निगम कंपनी देख रही है। पानी के नए बिल भी कंपनी ने ही जमा किए हैं।
लेकिन कंपनी ने अभी बिल जमा करने की आनलाइन सुविधा नहीं दी है। कई उपभोक्ता जो नई व्यवस्था से अनजान थे, उन्होंने अपने बिल नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर आनलाइन जमा करवा दिए। इससे अब इनका पैसा अटक गया है। हालांकि, कंपनी ने इन उपभोक्ताओं का पैसा कंपनी के खाते में शिफ्ट करने की मांग की है, लेकिन इसमें अभी वक्त लगेगा।
उपभोक्ताओं को आए दिन एमसी और कंपनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसमें एमसी की लापरवाही भी सामने आ रही है जिसने पेयजल व्यवस्था अलग होने के बावजूद अपना आनलाइन बिलिंग का गेटवे अभी तक खुला रखा है। कंपनी का दावा है कि जल्द ही आनलाइन बिलिंग के लिए वेबसाइट लांच की जा रही है। लेकिन अभी निगम कार्यालय या एचडीएफसी बैंक में जाकर ही बिल देना होगा।
दुकान पर दे दिए बिल, लोग परेशान
टूटीकंडी में कई उपभोक्ताओं के बिल दुकान पर थमा दिए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कहा कि उन्हें घर पर बिल नहीं मिल रहे। पड़ोसियों से पूछने पर पता चला कि कर्मचारी ने कई लोगों के बिल एक दुकान पर ही छोड़ दिए हैं। सभी को वहीं से बिल लेने होंगे। हालांकि कई लोगों को दुकान पर भी बिल नहीं मिले हैं।
परेशानी से ऐसे बचें लोग
यदि आपके आस पड़ोस में पानी के बिल बंट चुके हैं और आपको 10-12 दिन बाद भी बिल नहीं मिला है तो आप सब्जी मंडी स्थित पेयजल कंपनी के दफ्तर में आ सकते हैं। यहां अकाउंट नंबर, मीटर नंबर और रीडिंग दिखाकर अपना बिल ले सकते हैं। बिल जारी होने के बाद आपको जमा करवाने के लिए एक माह का वक्त मिलेगा। यह बिल वार्डों में स्थित निगम कार्यालय, उपायुक्त परिसर स्थित एमसी दफ्तर, सब्जी मंडी स्थित कंपनी कार्यालय में दोपहर दो बजे तक जमा करवाए जा सकते हैं। बिल को लेकर कोई भी परेशानी है तो कंपनी दफ्तर में मौजूद कर्मचारी मदद करेंगे।