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Himachal: 180 सड़कें बनाने वाले 80 फीसदी ठेकेदार निकले डिफॉल्टर, लोक निर्माण विभाग का खुलासा
Fri, 10 Nov 2023 11:17 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 10 Nov 2023 11:17 AM IST
सार
प्रदेश में चरण एक और दो में 180 सड़कें बनाने वाले 80 फीसदी ठेकेदार डिफॉल्टर निकले हैं। अब इन ठेकेदारों को काम नहीं मिलेगा।
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लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में चरण एक और दो में 180 सड़कें बनाने वाले 80 फीसदी ठेकेदार डिफॉल्टर निकले हैं। अब इन ठेकेदारों को काम नहीं मिलेगा। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि अगर ये ठेकेदार ऑनलाइन टेंडर भरते हैं तो इन्हें टेक्निकल बिड में बाहर किया जाएगा।
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ये ठेकेदार लापरवाह हैं। इन्होंने एक से ज्यादा काम लिए हैं और काम पूरा नहीं किया। ठेकेदारों को पांच फीसदी पेनल्टी भी लगेगी। सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग एक काम पूरा होने के बाद ही ठेकेदारों को दूसरा काम दिए जाने पर विचार कर रहा है।
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हिमाचल में वर्ष 2005 से 2023 तक पीएमजीएसवाई के दो चरण पूरे हो गए हैं। इनमें कई सड़कों का कार्य संतोषजनक नहीं रहा है। हिमाचल में चरण-3 के तहत 2,600 करोड़ रुपये से सड़कों का काम शुरू होने जा रहा है। ठेकेदारों को पहले पुराना काम पूरा करना होगा, जिसके बाद सरकार विचार करेगी। चरण-3 के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जनवरी से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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नाबार्ड के तहत विधायक प्राथमिकता की 30 सड़कें ऐसी हैं, जिनका काम समय पर पूरा नहीं हुआ है या फिर धीमी गति से किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि 80 फीसदी ठेकेदारों ने काम पूरा नहीं किया है। ये डिफॉल्टर की सूची में शामिल किए गए हैं। नए बैली ब्रिज की खरीददारी की गई है, ये जैम पोर्टल से की गई है।