हिमाचल प्रदेश: बर्फबारी में फंसे डीसी लाहौल समेत 8 अधिकारी-कर्मचारी, ठंड से 2 की मौत
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बारालाचा की तरफ बर्फबारी के बीच फंसे लोगों के लिए शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन को निकले डीसी लाहौल-स्पीति अश्वनी कुमार समेत आठ अधिकारी और कर्मचारियों का जिला मुख्यालय से कोई संपर्क नहीं हो रहा है।
दोपहर बाद बर्फबारी होने पर सड़क अवरुद्ध होने से आशंका जाहिर की जा रही है कि वे बर्फबारी के बीच फंस गए हैं। डीसी के अलावा आपदा प्रबंधन टीम के सदस्य, डीसी के चालक और पीएसओ, एचआरटीसी चालक, परिचालक इसमें शामिल हैं।
एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि टीम अपने साथ फंसे लोगों को निकालने के लिए एक बस, कंबल और खाद्य सामग्री साथ ले गए थे।
इससे पहले दिन में लाहौल-स्पीति जिले में बर्फ में फंसे देश-विदेश के सैलानियों को निकालने के लिए पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। वायुसेना ने अपनी टास्क फोर्स में एक और चीता हेलीकॉप्टर शामिल किया।
81 लोगों को रेस्क्यू कर कुल्लू पहुंचाया
शुक्रवार को वायुसेना ने बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में छह हेलीकॉप्टरों से साढ़े आठ घंटे में छह विदेशी सैलानियों समेत कुल 81 लोगों को रेस्क्यू कर कुल्लू पहुंचाया। रोहतांग टनल के मार्ग से 385 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
सुबह साढ़े छह बजे से शुरू हुआ बचाव अभियान दोपहर 3:00 बजे तक ही चला। इसके बाद घाटी में बारिश और बर्फबारी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में खलल डाल दिया। वहीं लाहौल और जम्मू-कश्मीर की सीमा में गत दिनों भारी बर्फबारी में फंसे 22 नेपाली मजदूरों में से एक मजदूर की ठंड व भूख से मौत हो गई।
कांगड़ा के बड़ा भंगाल की मुराला धार में फंसे पधर निवासी भेड़पालक राकेश कुमार की ठंड से मौत हो गई। यहां 100 के करीब भेड़पालक सात हजार मवेशियों के साथ फंसे हैं।
चंबा में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। सुबह पहली उड़ान में स्पीति के छतड़ू व छोटा दड़ा से कुल 26 और दूसरी उड़ान में भी इन्हीं जगहों से कुल 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
पांच दिनों में 1700 लोग निकाले
चीता और एएलएच हेलीकॉप्टरों की अलग-अलग उड़ानों में पटसेउ से 24 और सरचू से एक व्यक्ति को मनाली पहुंचाया। पांच दिनों के दौरान लाहौल-स्पीति जिले से कुल 191 पर्यटक, कामगार व आम लोग एयरलिफ्ट कर कुल्लू पहुंचाए गए और टनल के रास्ते 1700 लोग निकाले गए और सौ लोगों को स्पीति से किन्नौर के रास्ते शिमला पहुुंचाया गया।
इनमें 30 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। लाहौल घाटी में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए एक ट्रांसफार्मर और बिजली बोर्ड लिमिटेड के दस कर्मचारी हेलीकॉप्टर से लाहौल भेजे गए। कुल्लू के ढालपुर मैदान में रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे मंडी के मंडलायुक्त विकास लाबरू ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है।
दिल्ली और पंजाब के 6-6, चंडीगढ़ के 3 पर्यटक निकाले
शुक्रवार को नेपाल मूल के छह, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और कर्नाटक के छह-छह, केरल के दो, महाराष्ट्र-चंडीगढ़ के तीन-तीन, मध्य प्रदेश के दो, असम, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर का एक-एक पर्यटक निकाला गया।
एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि लाहौल में तकरीबन सभी लोगों को निकाल लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग खत्म है। शनिवार को इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।
उधर, डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि एक बड़ा और एक छोटा चौपर यहीं रहेंगे ताकि अगर घाटी में कहीं और लोगों के फंसे होने की सूचना मिले तो उन्हें निकाला जा सके। वायुसेना के चार हेलीकॉप्टर शनिवार को लौट जाएंगे।
आपदा पर सीएम, सेना ने किया बेहतर कार्य : शांता
पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के कारण काफी परेशानियां हुई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी लाहौल-स्पिति में देश और विदेश के पर्यटकों को हुई।
हिमाचल सरकार और भारतीय सेना ने आपातकालीन परिस्थितियों में सराहनीय कार्य कर प्राकृतिक आपदा के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। बाकियों को भी निकाला जा रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भारतीय सेना की इस कार्य के लिए सराहना की है।
कहा कि कारगिल युद्ध के प्रथम शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के नाम बने सौरभ वन विहार को भी इस बार ज्यादा पानी के कारण नुकसान झेलना पड़ा है। इस बार यहां पर काफी मात्रा में पर्यटकों का आना जाना रहा है।
यह एक रमणीक स्थल के रूप में विकसित हो गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि हिमाचल सरकार के सहयोग से बहुत जल्द इस विहार की सारी क्षति को पूरा कर लिया जाएगा।