संजौली में बिना अनुमति उखाड़ दी सड़क, धूल से कारोबार चौपट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजौली चौक पर सड़क उखाड़ दी है। इससे धूल, मिट्टी और ट्रैफिक जाम के कारण हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग ने संजौली चौक पर इंटर लॉक टाइलें लगाने का काम ठेके पर दिया है। टाइलें लगाने के लिए प्रशासन की मंजूरी मिले बिना ही ठेकेदार ने सड़क उखाड़ दी है। बारिश के दौरान कीचड़ और साफ मौसम में धूल मिट्टी के कारण यहां लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
संजौली चौक से होकर रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं। स्कूल कॉलेज के बच्चों, कर्मचारियाें सहित अन्य लोगों को इस कारण परेशानी हो रही है। उखड़ी हुई सड़क पर ठोकरें लगने से बच्चे चोटिल हो रहे हैं। सड़क में उड़ रही धूल मिट्टी के कारण संजौली चौक के कारोबारी भी परेशान हैं। धूल के कारण दुकानदारों के लिए दुकानों में काम करना मुश्किल हो गया है। आम लोगों को नाक मुंह ढक कर चौक से होकर गुजरना पड़ रहा है। संजौली से आईजीएमसी जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए भी दिक्कत खड़ी हो गई है।
टूटी हुई सड़क के कारण रोजाना यहां ट्रैफिक जाम लग रहा है और हादसे का भी खतरा पैदा हो गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि संजौली चौक पर पानी खड़ा होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत पेश आती थी, समस्या के समाधान के लिए चौक पर इंटर लॉक टाइलें लगाने का प्रोजेक्ट बनाया है। काम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है, एक हफ्ते में ही काम पूरा कर लिया जाएगा।
जिला प्रशासन की अनुमित के बिना काम शुरू
लोक निर्माण विभाग ने संजौली चौक पर इंटरलॉक टाइलें लगाने के लिए जिला प्रशासन से एक हफ्ते तक सड़क को वन-वे करने की अनुमति मांगी है। शहर के व्यस्ततम इलाके में सड़क वन-वे करने से लोगों को पेश आने वाली संभावित परेशानी के चलते अभी तक अनुमति नहीं दी है। बिना अनुमति के लिए ठेकेदार ने सड़क उखाड़ दी है।
बार-बार उखड़ेंगी टाइलें : सुशांत
नगर निगम के इंजनघर वार्ड से पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट ने कहा कि टाइलें लगाने के लिए पूरा चौक उखाड़ कर हजारों लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कहा कि जिस जगह टाइलें लगाने की योजना है वहां सड़क के नीचे पानी की पाइपें दबी हैं। पाइपों में खराबी आने पर बार-बार टाइलें उखाड़नी पड़ेंगी और लोगों को परेशानी में डाला जाएगा। बिना दूरदर्शिता के टाइलें लगाने की योजना बनाई है।