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अश्वनी खड्ड का पानी सोलन भेजा, 71 लोगों को पीलिया

Fri, 22 Jan 2016 02:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 22 Jan 2016 02:40 PM IST
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71 people affected with jaundice in solan due to ashwani khadd water supply

राजधानी शिमला में पीलिया फैलने का कारण बताई जा रही अश्वनी खड्ड परियोजना के पानी से अब सोलन शहर में पीलिया फैल गया है। मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी मिल जाने से अश्वनी खड्ड परियोजना का पानी दूषित हो गया था।

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दो जनवरी को नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के बाद पानी दूषित पाए जाने पर अश्वनी खड्ड से राजधानी के लिए पानी की सप्लाई बंद करवा दी, हालांकि सोलन के लिए पानी की सप्लाई बदस्तूर जारी रही। इतना ही नहीं शहर के लिए पानी की पंपिंग बंद होने के बाद सोलन के लिए सप्लाई बढ़ा दी गई।
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पहले जहां रोजाना औसतन अश्वनी खड्ड से सोलन को आठ एमएलडी पानी की सप्लाई होती थी अब दस एमएलडी तक हो रही है। शिमला के बाद पीलिया सोलन में पांव पसार चुका है। शिमला में पीलिया पीड़ितों का आंकड़ा जहां एक हजार के पार हो गया है वहीं सोलन में 71 से अधिक लोग पीलिया से पीड़ित हैं। सोलन शहर के अलावा गांवों में भी अश्वनी के दूषित पानी की सप्लाई दी जा रही है।
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दूषित होने के कारण जिस पानी की शिमला के लिए सप्लाई रोकनी पड़ी है वह सोलन के लिए कैसे उपयुक्त हो सकता है। इस सवाल को लेकर आईपीएच की दलील है कि शिमला से सोलन तक की दूरी तय करते हुए पानी प्राकृतिक तौर पर साफ हो जाता है।

सीधे सवाल: उपायुक्त मदन चौहान
सवाल: जिला प्रशासन के सामने अब तक पीलिया के कितने मामले सामने आ चुके हैं?
जवाब: अब तक पीलिया के 71 मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन अलर्ट है। उपमंडल स्तर पर इन मामलों पर नजर रखी जा रही है।

सवाल: पीलिया फैलने के बाद शिमला में अश्वनी खड्ड के पानी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है? सोलन में क्यों नहीं?
जवाब: सोलन में 30 से 35 फीसदी पानी अश्वनी खड्ड से आ रहा है। इस दौरान पानी पूरी तरह से साफ हो जाता है। अश्वनी का पानी बंद करने से सोलन में पानी की किल्लत होगी। पानी के ट्रीटमेट में आईपीएच को पूरे एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पानी बेहतर ढंग से ट्रीट हो रहा है।
सवाल: प्रशासन कब तक अश्वनी खड्ड के पानी पर प्रतिबंध लगा सकता है?
जवाब: प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। शिमला का केस अलग है। क्योंकि सोलन में तीस किमी का सफर करके पानी आता है। पानी जितनी दूर से आता है, उतना साफ होता है। उसके बाद पानी का उपयोग सोलन में किया जाता है।
सवाल: टैंक रोड पर खुले टैंकों से पानी की सप्लाई की जा रही है। इनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाए गए हैं?
जवाब: इस बारे में अमर उजाला के माध्यम से ही पता चला है। टैंक कवर होने चाहिए। जिसके लिए प्रशासन पूरा प्रयास करेगा।
सवाल: गंदी नालियों के भीतर पीने के पानी की पाइपों का जंजाल पूरे सोलन शहर में बिछा है। इसके बारे में क्या कहना है?
जवाब: प्रशासन के साथ-साथ सिविल सोसायटी को भी इस तरफ कदम उठाने चाहिए। क्योंकि प्रशासन सब कार्य नहीं कर सकता है। लोगों को भी इसके लिए कदम बढ़ाने की जरूरत है।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में अभी तक कोई सुधार नहीं
- शहर को पीलिया की सौगात देने वाली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जस का तस है। अश्वनी खड्ड से शहर को पानी की पंपिंग बंद होने के बाद भी प्लांट की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है।

प्लांट से स्लज उठाने के लिए अभी तक ट्राली नहीं लग पाई है। बताया जा रहा है कि अब प्लांट तक एप्रोज रोड बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। साथ लगते गांवों के लिए निकल रही सड़क से ही प्लांट को जोड़ने की योजना है। प्लांट में पावर बैकअप के लिए जनरेटर लगाने का अब तक एस्टिमेट ही बन पाया है।

प्लांट की सालों से खराब पड़ी फिल्टर प्रेस के लिए भी सरकार को एस्टिमेट भेजा जा रहा है। खराब पड़े क्लीयरिफायर को दुरुस्त करने के लिए मैकेनिक बुलाए हैं। नगर निगम की टीम को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान पता चला था कि प्लांट सही काम नहीं कर रहा है। इसके अलावा प्लांट से स्लज (सुखा हुआ मल) उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

प्लांट में पावर बैकअप न होने के कारण बिजली गूल होने पर प्लांट में पहुंचने वाली सीवरेज सीधे नाले में बहाई जा रही है। इतना ही नहीं टीम ने निरीक्षण के दौरान प्लांट में 2014 के बने ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल होते पाया था। क्लोरिनेशन करने में भी लापरवाही बरती जा रही थी।

शिमला शहर में पीलिया के आए 66 नए मामले-
शहर भर में बढ़ते पीलिया रोग के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बीस जनवरी को पीलिया के 66 नए मामले सामने आए। स्टेट सर्विलेंस आफिसर डा. राकेश रोशन भारद्वाज ने बताया कि 21 जनवरी को अस्पतालों में आए पीलिया रोग के आंकड़ों को अगले दिन अपडेट किया जाएगा।

राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला मे वीरवार को पीलिया के 15 नए पॉजिटिव मामले सामने आए। अस्तपाल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मेहता ने बताया कि अस्पताल में कुल 34 लोग पीलिया के लक्षणों को लेकर अस्पताल पहुंचे थे।


टेस्ट रिपोर्ट में सामने आया कि 15 लोगों रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि छोटा शिमला, कसुम्पटी और आसपास के क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए आए थे। अस्पताल में डाक्टरों द्वारा लोगों को खाने की चीजों में परहेज बरतने और उबला पानी की सलाह दी।

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