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Shimla News: शहर में घुस आए हैं 70 अंजान मोबाइल वेंडर, जांच के आदेश
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नगर निगम ने वेरिफिकेशन के लिए एसडीएम को लिखा पत्र
बच्चों के जरिये बेच रहे सामान, पूछताछ पर हो जाते हैं गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में 70 अंजान मोबाइल वेंडर (घूमकर सामान बेचने वाले) घुस आए हैं। यह कौन हैं, कहां से आए हैं, इनकी पहचान करने के लिए नगर निगम ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
नगर निगम ने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि इनकी पुलिस वेरिफिकेशन की जाए। निगम का तर्क है कि इससे स्पष्ट हो जाएगा कि यह लोग यहां के नहीं हैं और बाहर से आए हुए हैं। राजधानी के हेरिटेज इलाकों में अवैध रूप से मोबाइल वेंडर दिनभर यहां वहां घूम रहे हैं। यह लोग हेरिटेज इलाके यानि रिज, लक्कड़ बाजार और मालरोड पर सुबह से लेकर रात तक पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को अपने बच्चों के जरिये गुब्बारे और बबल स्टिक बेचते हैं। नगर निगम का कहना है कि जब इन मोबाइल वेंडरों से बात कर पूछताछ शुरू की जाती है तो यह सामान लेकर वहां से भाग जाते हैं। शहर की गरिमा को नुकसान न हो इसको लेकर अब नगर निगम ने इन वेंडरों की पहचान और इनकी पृष्ठभूमि की जांच के लिए प्रशासन को पत्र लिख दिया है। नगर निगम का कहना है कि वह इनकी वेरिफिकेशन करवाए। यह लोग 6 महीनों से लगातार बिना अनुमति सामान बेच रहे हैं, जोकि एक चिंताजनक बात है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह न सिर्फ अवैध गतिविधि है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सामान बेचने के लिए अनुमति जरूरी
नगर निगम शहर में जिन भी वेंडरों को सामान बेचने की अनुमति देता है, उनकी पहले से वेरिफिकेशन होती है। इन्हें चिह्नित स्थानों पर बैठकर ही अपना सामान बेचना पड़ता है लेकिन ऐसे लोग जिनकी कोई पहचान नहीं है, उनके द्वारा शहर के भीतर बिना अनुमति के सामान बेचने को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। नगर निगम के अनुसार जांच के दौरान यदि इन वेंडरों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है और वह इन्हें यहां भेजकर काम करवा रहा है तो पुलिस के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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एसडीएम को लिखा पत्र
छह महीनों से कुछ अंजान लोग हेरिटेज जगहों पर सामान बेच रहे है। यह कहां से आए हैं, इनकी पुलिस वेरिफिकेशन करवाने की मांग प्रशासन से की है।
-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला
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बच्चों के जरिये बेच रहे सामान, पूछताछ पर हो जाते हैं गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में 70 अंजान मोबाइल वेंडर (घूमकर सामान बेचने वाले) घुस आए हैं। यह कौन हैं, कहां से आए हैं, इनकी पहचान करने के लिए नगर निगम ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
नगर निगम ने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि इनकी पुलिस वेरिफिकेशन की जाए। निगम का तर्क है कि इससे स्पष्ट हो जाएगा कि यह लोग यहां के नहीं हैं और बाहर से आए हुए हैं। राजधानी के हेरिटेज इलाकों में अवैध रूप से मोबाइल वेंडर दिनभर यहां वहां घूम रहे हैं। यह लोग हेरिटेज इलाके यानि रिज, लक्कड़ बाजार और मालरोड पर सुबह से लेकर रात तक पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को अपने बच्चों के जरिये गुब्बारे और बबल स्टिक बेचते हैं। नगर निगम का कहना है कि जब इन मोबाइल वेंडरों से बात कर पूछताछ शुरू की जाती है तो यह सामान लेकर वहां से भाग जाते हैं। शहर की गरिमा को नुकसान न हो इसको लेकर अब नगर निगम ने इन वेंडरों की पहचान और इनकी पृष्ठभूमि की जांच के लिए प्रशासन को पत्र लिख दिया है। नगर निगम का कहना है कि वह इनकी वेरिफिकेशन करवाए। यह लोग 6 महीनों से लगातार बिना अनुमति सामान बेच रहे हैं, जोकि एक चिंताजनक बात है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह न सिर्फ अवैध गतिविधि है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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सामान बेचने के लिए अनुमति जरूरी
नगर निगम शहर में जिन भी वेंडरों को सामान बेचने की अनुमति देता है, उनकी पहले से वेरिफिकेशन होती है। इन्हें चिह्नित स्थानों पर बैठकर ही अपना सामान बेचना पड़ता है लेकिन ऐसे लोग जिनकी कोई पहचान नहीं है, उनके द्वारा शहर के भीतर बिना अनुमति के सामान बेचने को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। नगर निगम के अनुसार जांच के दौरान यदि इन वेंडरों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है और वह इन्हें यहां भेजकर काम करवा रहा है तो पुलिस के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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एसडीएम को लिखा पत्र
छह महीनों से कुछ अंजान लोग हेरिटेज जगहों पर सामान बेच रहे है। यह कहां से आए हैं, इनकी पुलिस वेरिफिकेशन करवाने की मांग प्रशासन से की है।
-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला