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तिब्बती पीएम चुनने के लिए 26 देशों में मतदान, 70 फीसदी पड़े वोट
Sun, 11 Apr 2021 07:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 11 Apr 2021 07:42 PM IST
सार
- निर्वासित तिब्बत सरकार चुनाव: कोरोना के चलते बनाए अतिरिक्त मतदान केंद्र
- 14 मई को घोषित होंगे नतीजे
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वोटिंग करते तिब्बती समुदाय के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निर्वासित तिब्बत सरकार के नए सिक्योंग यानी प्रधानमंत्री और 45 सदस्यीय संसद चुनने के लिए भारत समेत 26 देशों में तिब्बतियों ने वोट डाले। मतदान 70 फीसदी रहा, जिसके नतीजे 14 मई को घोषित किए जाएंगे। चीन के कब्जे वाले तिब्बत में लोकतंत्र आज भी किसी सपने जैसा लगता है। ऐसे में दुनिया भर में बसने वाले हजारों तिब्बतियों ने धर्मशाला से चलने वाली निर्वासित तिब्बत सरकार के लिए पूरे उत्साह के साथ मताधिकार का उपयोग किया। करीब 83,000 तिब्बतियों ने वोट डाला।
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जनवरी में हुए पहले चरण के चुनावी नतीजों के बाद अब निर्वासित प्रधानमंत्री पद के लिए पेंपा सेरिंग और केलसंग दोरजे आकत्संग में मुकाबला है। 45 सदस्यों वाली संसद के लिए करीब 93 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। ये सदस्य तीन परंपरागत प्रांतों, पांच बौद्ध धार्मिक संस्थानों समेत उत्तरी अमरीका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में बसने वाले तिब्बतियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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रविवार को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूके, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस, ताइवान सहित भारत के कई हिस्सों में करीब 350 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। निर्वासित तिब्बत सरकार के चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त वांगडु सेरिंग ने बताया कि कोरोना के चलते अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए थे। शाम पांच बजे तक निर्वासित तिब्बत सरकार में वर्तमान सिक्योंग लोबसांग सांग्ये ने चुनाव के बाद कहा कि निर्वासित तिब्बती लोकतंत्र तिब्बत में रहने वाले हमारे भाई-बहनों की असल आकांक्षाओं को दर्शाता है।
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2011 के बाद तीसरा प्रत्यक्ष चुनाव
वर्ष 2011 में धर्मगुरु दलाईलामा ने अपनी सारी राजनीतिक जिम्मेदारियां तिब्बतियों की निर्वासित सरकार के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री लोबसांग सांग्ये को सौंप दी थीं। तब दलाईलामा ने कहा था कि वह अब पूरी तरह आध्यात्मिक नेता की जिम्मेदारी निभाएंगे। तब से लेकर 2021 में निर्वासित तिब्बत सरकार के लिए यह तीसरा प्रत्यक्ष चुनाव आयोजित करवाया जा रहा है।