फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   6th pay commission: himachal govt Employees want pay scale on the lines of Punjab, resentment increasing

छठा वेतन आयोग: पंजाब की तर्ज पर ही वेतनमान चाहते हैं हिमाचल कर्मचारी, बढ़ने लगी नाराजगी

Wed, 12 Jan 2022 05:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 12 Jan 2022 05:56 PM IST
सार

हिमाचल के कर्मचारी साफ शब्दों में कहने लगे हैं कि पंजाब की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी वित्तीय लाभ दिए जाएं। 4-9-14 वेतन वृद्धि सहित तकनीकी श्रेणियों की ग्रेडेशन को जारी रखा जाए।  कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के तय फिटमेंट टेबल के आधार पर लाभ मांग रहे हैं। 

विज्ञापन
6th pay commission: himachal govt Employees want pay scale on the lines of Punjab, resentment increasing
छठा वेतन आयोग(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छठे वेतन आयोग की सिफारिश के बाद हिमाचल की जारी अधिसूचना में खामियों का विरोध मुखर होने लगा है। पंजाब सरकार ने तीन विकल्पों में से एक चुनने को कहा जबकि प्रदेश सरकार ने दो विकल्प दिए हैं। तीसरे विकल्प को छोड़ दिया है। इससे प्रदेश के बड़े कर्मचारी वर्ग में खासी नाराजगी है। कर्मचारी साफ शब्दों में कहने लगे हैं कि पंजाब की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी वित्तीय लाभ दिए जाएं। 4-9-14 वेतन वृद्धि सहित तकनीकी श्रेणियों की ग्रेडेशन को जारी रखा जाए।  प्रदेश के कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के तय फिटमेंट टेबल के आधार पर लाभ मांग रहे हैं। कई कर्मचारी संगठनों के नेता तीसरे विकल्प को अपनाने के लिए सरकार पर बराबर दबाव डाल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष और समस्त विभाग लिपिक वर्ग कर्मचारी महासंघ के राज्य महासचिव एलडी चौहान ने कहा कि सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश के कर्मियों पर लागू करने के लिए 3 जनवरी 2021 को अधिसूचना जारी की है।

विज्ञापन


वेतन निर्धारण में कई खामियां है। प्रदेश में वेतन आयोग की सिफारिशों को पंजाब की तर्ज पर लागू किया जाए। अधिसूचना के साथ जारी फिटमेंट टेबल के आधार पर ऐसा नही हुआ है। वर्ष 2012 में पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग की सिफारिशों को हिमाचल में भी पुन: निर्धारण किया गया था। इसमें आरंभ में पंजाब की तर्ज पर नहीं दिया गया था। जिस श्रेणी को पंजाब में 4200 ग्रेड पे दिया गया था, उसका प्रारंभ 16,290 था। जबकि हिमाचल में उसकी इनिशियली 14,500 की गई। इसका खामियाजा आज छठे वेतन आयोग में भुगतना पड़ रहा है । लिपिक वर्ग एक ऐसी श्रेणी है, जो एक आईएएस, डॉक्टर, शिक्षक सहित हर वर्ग का लेखा जोखा रखता है, लेकिन छठे वेतन आयोग में इस श्रेणी को पूरी तरह घाटे में रखा है।  इसे पुन: संशोधित करना चाहिए।  

विज्ञापन

शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विसंगतियां दूर करने की उठाई मांग

वहीं,  हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि वेतन आयोग की अधिसूचना जारी करने के बाद हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कर्मचारियों के वेतन में काफी अंतर आ गया है। महासंघ 4 जनवरी को मुख्य सचिव और पांच जनवरी को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों और 6 जनवरी को मुख्यमंत्री से मिल कर अपना पक्ष रख चुका है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की तुलनात्मक रिपोर्ट भी सरकार को भेज दी गई है। महासंघ ने पंजाब की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी 2.25, 2.59 और 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वेतनमान को लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को लागू किए वेतन मान में 4-9-14 के लाभ प्राप्त करने और अनुबंध प्राप्त कर्मचारियों का कोई जिक्र नहीं है। हिमाचल प्रदेश में भी पंजाब की तरह 2012 में संशोधित वेतनमान को इनिशियल स्टार्ट के साथ  2.25 की  गणना का गुणांक दिया जाए। प्रदेश में 1 जनवरी 2016 में नियुक्त सभी वर्ग के अध्यापकों को पंजाब की तर्ज पर इनिशियल स्केल दिया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में शिक्षकों की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए जल्द हाई पावर कमेटी की बैठक करने की मांग भी की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 नये वेतनमान की विसंगतियों के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक संगठन

 स्कूल प्रवक्ता संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ (नरेश महाजन गुट) ने बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात करने के बाद प्रेस क्लब शिमला में संयुक्त प्रेस वार्ता की। स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, महासचिव संजीव ठाकुर, मुख्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, नरेश ठाकुर कहा कि अनुबंध से नियमित हुए प्रवक्ताओं को रिवाइज पे उनकी नियमितीकरण की तिथि से दी जाए। प्रवक्ताओं को दो साल का नियमित सेवा काल पूरा करने पर 5400 का ग्रेड पे प्रदान किया गया है।

नये वेतन निर्धारण में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुबंध प्रवक्ताओं को नियमित होने के लिए पहले ही बड़ा लंबा इंतजार करना पड़ा है। अनुबंध प्रवक्ता पिछले कई  वर्षों  से बहुत कम वेतन पर काम कर रहे हैं। नियमितीकरण के बाद एक आस बंधी थी कि अब अच्छे दिन आएंगे और उनकी आर्थिक परेशानियां खत्म होगी लेकिन नियमितीकरण के दो वर्ष के सेवाकाल के बाद संशोधित ग्रेड पे प्रदान करना प्रवक्ताओं के साथ अन्याय है।

वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए सीएम से मिला स्कूल प्रवक्ता संघ
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री से वेतनमान संबंधी वेतन विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया। वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग को लागू करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र नेगी, महासचिव संजीव ठाकुर और संगठन सचिव राजन शर्मा शामिल रहे। 

बेहतर वेतनमान देने की जगह कटौती कर रही सरकार : खरवाड़ा

राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि वेतन संशोधन के लिए दस साल की अवधि में एक बार वेतन आयोग के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान प्रदान करना है। प्रदेश में इसके विपरीत वेतन संशोधन में कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जगह गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के कर्मचारियों की ओर से 1978 से पंजाब वेतनमान का चयन इस तथ्य के मद्देनजर किया गया था कि पंजाब के वेतनमान केंद्र के वेतनमान की तुलना में बेहतर थे।

राज्यों के पुनर्गठन के साथ पंजाब से हिमाचल में आए कुछ कर्मचारियों पहले से ही इन वेतनमान को ले रहे थे। समय के साथ प्रदेश सरकार कई मुद्दों पर पंजाब वेतनमान संरचना से हटकर लागू करती रही है। इसके परिणामस्वरूप हिमाचल के कर्मचारियों को पंजाब में उनके समकक्षों को की तुलना में कम वेतन मिल रहा है। यूनियन ने मुख्यमंत्री से वेतन विसंगतियों को दूर करने और सभी श्रेणियों के वेतनमानों का लाभ पंजाब सरकार के बराबर लाने का अनुरोध किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed