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मां-बेटे की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, अपील खारिज
Thu, 04 Apr 2019 10:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 04 Apr 2019 10:35 AM IST
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प्रदेश उच्च न्यायालय ने दोहरे हत्याकांड मामले में दोषी नेपाली अमर बहादुर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिमला की ओर से सुनाई आजीवन कारावास की सजा पर मुहर लगा दी है। वरिष्ठ न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने दोषी की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला तर्कसंगत है।
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अपील में दिए तथ्यों के अनुसार 10 जुलाई, 2014 को जुब्बल तहसील के सरस्वती नगर के निवासी मां-बेटे को दोषी नेपाली ने कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद पुलिस स्टेशन जुब्बल में दोषी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था।
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जांच कार्य पूरा होने के पश्चात ट्रायल के लिए सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत के समक्ष दोषी के खिलाफ चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ दोष साबित करने लिए 18 गवाह पेश किए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने प्रार्थी के खिलाफ दोष साबित होने पर 2 मई 2016 को उसे उमरकैद की सजा सुनाई थी।
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