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शहर में बढ़ सकता है पेयजल संकट
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में आने वाले दिनों में पेयजल संकट और बढ़ सकता है। शहर की पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर घटने से पानी की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। करीब तीन माह से बारिश न होने से सभी परियोजनाओं में दो से चार एमएलडी तक पानी की सप्लाई घट गई है।
कोटी बरांडी और गुम्मा पेयजल स्रोतों में ज्यादा जलस्तर घटने की सूचना है। इन दोनों परियोजनाओं में बारिश के अलावा स्थानीय क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी इस्तेमाल होने से निगम को कम पानी मिल रहा है। इसके अलावा सियोग और चैड़ में भी पानी का स्तर गिरने लगा है। तीन हफ्ते पहले सभी परियोजनाओं से करीब 46 से 48 एमएलडी पानी की पंपिंग की जा रही थी, जो अब घटकर 40 से 42 एमएलडी तक पहुंच गई है। हालांकि, निगम का दावा है कि बाकी परियोजनाओं से सप्लाई बढ़ाकर शहर को भरपूर पानी दिया जा रहा है। गिरि परियोजना की लीकेज को भी दुरुस्त कर लिया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में यदि बारिश नहीं होती है और लीकेज की समस्या बरकरार रहती है तो लोगों को और ज्यादा पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
सप्लाई घटने से गड़बड़ाया पेयजल वितरण
शहर के लिए पानी की सप्लाई में कम होने से शहर में पेयजल वितरण का शेड्यूल भी गड़बड़ाने लगा है। निगम ने जिन इलाकों में रोज पानी देने की व्यवस्था की थी, वहां भी अब तीसरे दिन पानी आ रहा है। वहीं, कई ऐसे भी इलाके हैं जहां चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। शनिवार को रिज मैदान, मालरोड, लिफ्ट, लोअर बाजार, सब्जी मंडी, रामबाजार, गंज बाजार, बस स्टैंड, कृष्णानगर आदि इलाकों में पानी नहीं आया। निगम का दावा है कि रविवार को इन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जाएगी। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि सभी क्षेत्रों में नियमित पानी की सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
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किस परियोजना से कितनी सप्लाई (एमएलडी में)
गुम्मा-21.50
गिरि-15.82
चूरट-2.71
सियोग-0.11
चैड़-1.19
कोटी बरांडी-1.09
कुल-42.42
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शिमला। राजधानी में आने वाले दिनों में पेयजल संकट और बढ़ सकता है। शहर की पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर घटने से पानी की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। करीब तीन माह से बारिश न होने से सभी परियोजनाओं में दो से चार एमएलडी तक पानी की सप्लाई घट गई है।
कोटी बरांडी और गुम्मा पेयजल स्रोतों में ज्यादा जलस्तर घटने की सूचना है। इन दोनों परियोजनाओं में बारिश के अलावा स्थानीय क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी इस्तेमाल होने से निगम को कम पानी मिल रहा है। इसके अलावा सियोग और चैड़ में भी पानी का स्तर गिरने लगा है। तीन हफ्ते पहले सभी परियोजनाओं से करीब 46 से 48 एमएलडी पानी की पंपिंग की जा रही थी, जो अब घटकर 40 से 42 एमएलडी तक पहुंच गई है। हालांकि, निगम का दावा है कि बाकी परियोजनाओं से सप्लाई बढ़ाकर शहर को भरपूर पानी दिया जा रहा है। गिरि परियोजना की लीकेज को भी दुरुस्त कर लिया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में यदि बारिश नहीं होती है और लीकेज की समस्या बरकरार रहती है तो लोगों को और ज्यादा पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
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सप्लाई घटने से गड़बड़ाया पेयजल वितरण
शहर के लिए पानी की सप्लाई में कम होने से शहर में पेयजल वितरण का शेड्यूल भी गड़बड़ाने लगा है। निगम ने जिन इलाकों में रोज पानी देने की व्यवस्था की थी, वहां भी अब तीसरे दिन पानी आ रहा है। वहीं, कई ऐसे भी इलाके हैं जहां चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। शनिवार को रिज मैदान, मालरोड, लिफ्ट, लोअर बाजार, सब्जी मंडी, रामबाजार, गंज बाजार, बस स्टैंड, कृष्णानगर आदि इलाकों में पानी नहीं आया। निगम का दावा है कि रविवार को इन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जाएगी। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि सभी क्षेत्रों में नियमित पानी की सप्लाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
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किस परियोजना से कितनी सप्लाई (एमएलडी में)
गुम्मा-21.50
गिरि-15.82
चूरट-2.71
सियोग-0.11
चैड़-1.19
कोटी बरांडी-1.09
कुल-42.42