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रेणुका बांध विस्थापितों को राहत, 4 हफ्ते में जारी होंगे 450 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन/ ददाहू (सिरमौर)
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:15 AM IST
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नेशनल प्रोजेक्ट घोषित रेणुका बांध के लिए वर्ष 2008 में अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे और विस्थापितों को पुन: बसाने के लिए केंद्र सरकार चार सप्ताह के भीतर 450 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी। वहीं, पर्यावरण मंजूरी एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पिछले कुछ सालों में हुए खर्च के बाद 1099.02 रुपये में से कुल कितना शेष रह जाता है, इसका एग्जेक्ट फिगर का हलफनामा चार सप्ताह में देना होगा। हालांकि, 12 अगस्त को हुई सुनवाई में इसके आदेश हुए थे।
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अब सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अवधि भी तय कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस तीर्थ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति एमएम खानवेलकर व न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए हैं। खास यह रहा कि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के महाअधिवक्ता मुकुल रोहतगी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने 450 करोड़ रुपये की राशि स्पेशल केस के तहत जारी करने का फैसला ले लिया है।
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इसके लिए उन्होंने माननीय अदालत से समय मांगा, जिस पर अदालत ने चार हफ्ते में राशि जारी करने के आदेश दिए। अगली सुनवाई छह सप्ताह के बाद होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब तय हो गया है कि रेणुका बांध का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा।
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उल्लेखनीय है कि बीती 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रेणुका बांध के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार को 450 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को इसकी पुन: सुनवाई रखी गई थी। हिमाचल सरकार व एचपीपीसीएल की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जेएस अत्री ने पुष्टि करते हुए बताया कि
केंद्र सरकार को 450 करोड़ रुपये की राशि 4 सप्ताह तक अदा करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि एन्वायरमेंट रेस्ट क्लीयरेंस की राशि का आंकड़ा 1090 करोड़ नहीं है, यह आंकडा 2014 का है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 माह के भीतर हलफनामा दायर एग्जेक्ट राशि बताने को कहा है।