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विकास कार्यों में अनियमितताएं: निरमंड की पोशना पंचायत में 40 लाख का घोटाला, पूर्व प्रधान-सचिव पर केस
Mon, 11 Oct 2021 11:17 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:17 AM IST
सार
डीएसपी आनी रविंद्र नेगी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन पंचायत प्रधान इंदिरा देवी और पंचायत सचिव जसवीर गुप्ता के खिलाफ पुलिस थाना ब्रौ में धारा 420, 467, 468, 471 और 201 के तहत केस दर्ज किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विकास खंड निरमंड की पोशना पंचायत की पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव पर 40 लाख रुपये का घोटाले करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। दोनों पर वर्ष 2016 से 2020 तक जाली बिल लगाने, रिश्तेदारों को लाभ देने, अमीरों को बीपीएल सूची में डालने समेत एक दर्ज गड़बड़ियां करने का आरोप है। शिकायत के आधार पर सिविल जज आनी की अदालत ने पुलिस थाना ब्रौ को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
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डीएसपी आनी रविंद्र नेगी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन पंचायत प्रधान इंदिरा देवी और पंचायत सचिव जसवीर गुप्ता के खिलाफ पुलिस थाना ब्रौ में धारा 420, 467, 468, 471 और 201 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौर हो कि वर्ष 2020 में पोशना पंचायत के गाजरू राम और वेद ठाकुर ने पंचायत में हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाए थे और इसकी शिकायत सिविल कोर्ट आनी में की थी।
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कोर्ट में दर्ज शिकायत में जाली दस्तावेजों और धांधलियों से करीब 38 से 40 लाख रुपये के धन की हेराफेरी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने 30 हजार और 20,001 के जाली बिल तैयार करने, नागरिक आपूर्ति विभाग के बजाय अनाधिकृत व्यक्तियों से सीमेंट खरीदने, संकल्प और दस्तावेज पारित किए बिना अपने रिश्तेदारों को अतिरिक्त भुगतान करने, क्रेट वॉल के निर्माण में धन का दुरुपयोग करने, पानी के टैंक, गोशालाओं एवं शौचालयों के निर्माण में हेराफेरी करने, बीपीएल सूची में अमीर लोगों के नाम डालने, एक व्यक्ति के नाम एक ही तारीख में दो मस्टररोल बनाने, लेखा परीक्षा रिपोर्ट में लगभग 38.540 लाख की हेराफेरी की है।
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इस मामले में बीडीओ कार्यालय ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि रंदल से पनाशी सड़क पर 5 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि इसमें आरोपियों ने तीन लाख से अधिक का गबन किया। पंचायत घर से श्मशान घाट और कैंची से खाटल तक पैदल रास्ता दो बार बना हुआ दिखाया, जबकि यह एक बार बना। महिला मंडल भवन, युवा मंडल भवन बड़गई और सामुदायिक भवन रंदल के निर्माण में भी हेराफेरी के आरोप लगाए हैं।