हिमाचल में शादी करने जा रहे हैं तो बहुत महंगा पड़ेगा 'आठवां' फेरा
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हिमाचल में विवाह पंजीकरण शुल्क 40 गुना बढ़ गया है। सामान्य वर्ग के लोगों को अब पांच रुपये के बजाय 200 रुपये शुल्क चुकाना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश विवाह रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2016 के तहत पंजीकरण फीस बढ़ाई गई है। अब विवाह के 30 दिन बाद और 90 दिन से पहले पंजीकरण कराने पर 400 रुपये लेट फीस लगेगी।
पहले लेट फीस मात्र दस रुपये थी। बीपीएल और आईआरडीपी परिवारों को विवाह पंजीकरण के लिए 5 के बजाय 25 रुपये देने होंगे। लेट फीस 10 रुपये की जगह 50 रुपये लगेगी। विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने अधिसूचना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की जनता से फीस में संशोधन के लिए सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।
90 दिन बाद पंजीकरण पर रजिस्ट्रार से लिखवाकर लाना होगा
विवाह का पंजीकरण 90 दिन के भीतर न कर एक साल के भीतर करवाने पर जिला विवाह रजिस्ट्रार की लिखित अनुज्ञा से पंजीकृत किया जाएगा। इसकी फीस 50 रुपये के बजाय 400 रुपये होगी।
एक साल बाद विवाह पंजीकरण करवाने पर भी 400 रुपये फीस होगी। लेकिन ऐसे लोगों को प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की ओर से विवाह की सत्यता का सत्यापन भी करवाना होगा।
विदेश में हुई शादी का पंजीकरण 1000 रुपये में
विदेश में की गई शादी का हिमाचल में पंजीकरण कराने की फीस को एक हजार रुपये किया गया है। पहले यह फीस 100 रुपये थी।
विवाह प्रमाणपत्र के फायदे
विवाह प्रमाण पत्र विवाह के पंजीकरण का प्रमाण होता है। विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता तब होती है, जब आपको यह साबित करने की आवश्यकता हो कि आपका विवाह किसी के साथ कानूनन संपन्न हुआ है। पासपोर्ट प्राप्त करने और गोत्र परिवर्तन करवाने में विवाह प्रमाणपत्र की जरूरत होती है।