बिना पंजीकरण श्रीखंड यात्रा पर निकल गए 3000 श्रद्धालु, खतरों से भरा है सफर
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श्रीखंड यात्रा के लिए बेस कैंप सिंहगाड़ में तीसरे दिन तक 2200 श्रद्धालुओं का पंजीकरण है जबकि 3000 लोग दर्शनों के लिए विभिन्न रास्तों से निकल गए हैं। 15 जुलाई को आधिकारिक रूप से शुरू हुई यात्रा से पहले ही ये लोग चले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में ट्रस्ट के अधीन आने के बाद श्रीखंड यात्रा को अब तक चार बार रोकना पड़ा है। गत वर्ष भी 15 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा को 12वें दिन रोका गया था। हर साल आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालु भोले बाबा के दर्शन करते हैं।
वर्ष 2010 से 2018 तक यात्रा के दौरान 35 श्रद्धालु जान गंवा चुके हैं। अधिकांश मृतक 18 से 35 साल के युवा थे। बताया जा रहा है कि इनकी मौत नशे के अत्यधिक सेवन या यात्रा को जल्द से जल्द खत्म करने की होड़ में तेजी से चलने के कारण हुई है।
इन बातों का रखें ध्यान
एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने और पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों के कारण यात्रा को सुरक्षा की दृष्टि के चलते फिलहाल अस्थायी तौर पर रोक दिया है। जैसे ही हालात सुधरते हैं तो यात्रा को शुरू कर दिया जाएगा।
प्रशासन के इंतजामों के अलावा खुद भी घरों से पूरी तैयारी के साथ निकलें। स्वस्थ होने पर ही यात्रा करें, कठिन रास्ते को हल्के में न लें। यात्रा को जल्द समाप्त करने के बजाय हर पड़ाव पर आराम करें ताकि ऑक्सीजन की कमी महसूस न हो और शरीर को पूरा आराम मिल सके।