कोरोना वायरस से जंग लड़ने को 272 आयुष चिकित्सक तैयार
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स्वास्थ्य विभाग को मिली जानकारी के मुताबिक यह डॉक्टर बाहर से आए हुए लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर निगरानी तक का कार्य करेंगे। यह चिकित्सक विभिन्न टीमों के माध्यम से घर-घर जाकर एसीएफ अभियान में भी भाग लेंगे।
इस दौरान अलग-अलग परिवार का ब्योरा इकट्ठा करने और उसकी ऑनलाइन एंट्री की यही डॉक्टर करेंगे। कई आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी क्वारंटीन केंद्रों, बैरियर ड्यूटी, रैपिड रिस्पांस टीम और इमरजेंसी ओपीडी में भी अपनी सेवाएं देंगे।
पहले भी ओपीडी में भी देते रहे सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी के चलते आयुष चिकित्सक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की ओपीडी में लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सेवानिवृत्त चिकित्सकों से आगे आने की अपील
वहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटारे को सरकार ने सेवानिवृत्त चिकित्सकों से आगे आने की अपील की है। सरकार ने अपनी वेबसाइट पर नीति आयोग का एक लिंक शेयर किया है। इस लिंक में हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त चिकित्सकों से कोरोना वायरस से निपटने के लिए सेवाएं देने को आगे आने की अपील की है। इस अपील में कहा गया है कि वे जो इस मौके पर योगदान देना चाहते हैं और इस मिशन में आगे बढ़ना चाहते हैं। वे अपने आप को संबंधित लिंक पर पंजीकृत कर सकते हैं।
सरकार समय आने पर उनकी मदद लेगी। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकारें अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बढ़ा रही हैं। ऐसा देश के तमाम हिस्सों में किया जा रहा है। ऐसे में स्वेच्छा से जो अपनी सेवाओं का योगदान देना चाहते हैं और इस अच्छाई के मिशन में आगे आना चाहते हैं, वे आगे आएं। इस लिंक में बताया गया है कि आने वाले समय में ट्रेन अस्पताल बनाए जा रहे हैं। इस समय ऐसे तमाम चिकित्सकों से अपील की जाती है कि वे संकट की घड़ी में आगे आएं।