शिमला: छठा वेतन आयोग दुरुस्त करने के लिए 25 संगठनों ने बनाया संयुक्त कर्मचारी महासंघ
राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान को संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। शुक्रवार को महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त सहित अधिकारियों को मांगपत्र के साथ नोटिस सौंपेगा।
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छठा वेतन आयोग दुरुस्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश के 15 विभागों के 25 संगठनों ने संयुक्त कर्मचारी महासंघ बना दिया है। गुरुवार को शिमला के कालीबाड़ी हाल में हुई बैठक में महासंघ ने 14 दिनों में पंजाब की तरह हूबहू वेतन और भत्ते देने की मांग पूरी न होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान को महासंघ के अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। शुक्रवार को महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त सहित अधिकारियों को मांगपत्र के साथ नोटिस सौंपेगा। प्रेस वार्ता में संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि महासंघ सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लड़ाई लड़ेगा।
एक-एक कर मुद्दे उठाए जाएंगे। सबसे पहले छठे वेतन आयोग को दुरुस्त करवाने का फैसला लिया गया है। छठे वेतन आयोग की अनियमितताओं को दूर कर पंजाब के समकक्ष वेतन और भत्ते लेने की लड़ाई सबसे पहले लड़ी जाएगी। पेंशनरों के लिए भी नया वेतनमान शीघ्र जारी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार को मांग पूरा करने के लिए 14 दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद संयुक्त कर्मचारी महासंघ सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने को विवश होगा। कहा कि कोरोना महामारी के नियंत्रित होते ही महासंघ एक आम सभा बुलाएगा। इसमें अन्य मुद्दों को एजेंडे में डालकर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा। संगठन जिला और खंड स्तर पर कार्यकारिणी बनाकर मजबूत भी किया जाएगा।
हीरालाल महासचिव, विनोद मुख्य सलाहकार बनाए
संयुक्त कर्मचारी महासंघ का हीरालाल वर्मा को महासचिव, खमेंद्र गुप्ता वित्त सचिव, विनोद कुमार मुख्य सलाहकार, प्यार सिंह मुख्य संरक्षक, कुलदीप सिंह खरवाड़ा मुख्य समन्वयक और सरोज मेहता को पैटर्न बनाया गया है। अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि हर विभाग से एक-एक उपाध्यक्ष भी बनाए जाएंगे। सचिवालय कर्मचारी यूनियनों से भी चर्चा जारी है। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार की चाटुकारिता करने वाले कर्मचारी नेताओं के चलते आज यह समस्या खड़ी हुई है।
रोजाना के आदेशों से बढ़ रहा भ्रम
संयुक्त कर्मचारी महासंघ के महासचिव हीरालाल वर्मा ने कहा कि छठे वेतन आयोग के तहत 15 फीसदी वेतन बढ़ोतरी चाहिए। पंजाब पैटर्न से हिमाचल सरकार भाग रही है। वित्त विभाग के अधिकारी रोजाना नए-नए आदेश जारी कर भ्र्रम की स्थिति बना रहे हैं। मुख्य सलाहकार विनोद कुमार ने कहा कि पंजाब कैबिनेट सब कमेटी ने जो सिफारिशें दी हैं, उसमें कई कमियां हैं। इस कारण कई श्रेणियों को नुकसान हो रहा है।
शिक्षक महासंघ ने संयुक्त मोर्चे पर उठाए सवाल
वहीं, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने संयुक्त मोर्चा बनने पर कटाक्ष किया कि यह राजनीतिक संगठन है। नया मोर्चा बनाने वालों को अपने-अपने संगठनों से त्यागपत्र दे देना चाहिए। कुछ साम्यवादी संगठन, कुछ कांग्रेस से जुड़े संगठन प्रदेश के कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चा के बड़े नेता से चर्चा के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ तैयार है।
मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव दोनों ही अधिकारियों ने बैठकें लीं
नए संशोधित पे स्केल पर हिमाचल प्रदेश सरकार के उलझन और विसंगतियों के विरोध के लिए कर्मचारियों के साझा मोर्चा के बनने के बीच गुरुवार को मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव दोनों ही अधिकारियों ने बैठकें लीं। इन्होंने इस बारे में समाधान पर विस्तार से मंत्रणा की।
दोनों ही शीर्ष अधिकारियों ने इस बारे में आपस में भी मंत्रणा की। कर्मचारियों को 15 फीसदी का तीसरा विकल्प देने के बारे में चर्चा हुई, मगर इस बारे में सरकार अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ये अधिकारी अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।