फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   240 Students Will Study in First Hydro Engineering College at Bilaspur.

देश के पहले हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ेंगे 240 विद्यार्थी

Fri, 28 Apr 2017 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 28 Apr 2017 01:06 PM IST
विज्ञापन
240 Students Will Study in First Hydro Engineering College at Bilaspur.

हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में जलविद्युत पर संकेंद्रित बीटेक पाठ्यक्रम होंगे। इनमें मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध होगा।

विज्ञापन


पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम और पीएचडी कार्यक्रम भी चौथे, छठे वर्ष से सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम और प्रायोजित अनुसंधान कार्यक्रम के रूप में चलाया जाएगा। सरकार इसी साल से कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने के प्रयास में है।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को शिमला में हुए समारोह में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर का शिलान्यास किया। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की 146 करोड़ की लागत से स्थापना की जा रही है। इसमें 75 करोड़ का निवेश एनएचपीसी और एनटीपीसी की ओर से औद्योगिक भागीदारों के रूप में किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को मुहाल बंदला तहसील सदर जिला बिलासपुर में 62.06 बीघा भू भाग दिया है। इंजीनियरिंग कॉलेज के खर्चों को चलाने के लिए एनएचपीसी और एनटीपीसी आवश्यकतानुसार 25 करोड़ तक के दूसरे अंशदान की किस्त जारी करने पर भी विचार करेंगे।

बीते साल नई दिल्ली में हिमाचल सरकार, एनएचपीसी और एनटीपीसी के बीच इसको लेकर एमओयू साइन हुआ था। यह संयुक्त उपक्रम का अपनी तरह का देश का पहला कॉलेज होगा। हिमाचल में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना से विशेषज्ञ तकनीकी मानव संसाधन के सृजन में मदद मिलेगी।

भविष्य की कई हाइड्रो परियोजनाओं की विशिष्ट आवश्यकता के अनुकूल देश की सेवा करने वाले कार्यबल को तैयार करने में भी मदद मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में 20,000 मेगावाट से अधिक की हाइड्रो पॉवर क्षमता है। देश में इसका लगभग 35 प्रतिशत भाग हिमाचल प्रदेश में ही उत्पादित होता है।


एनटीपीसी और एनएचपीसी राज्य में कई परियोजनाओं का संचालन करने तथा निर्माण करने में संलग्न हैं। हिमाचल के पहाड़ी राज्य होने के चलते उसे कालेज से खासा फायदा होगा। इससे राज्य को पनबिजली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को पनबिजली के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए एक प्लेटफार्म भी मिलेगा। यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed