हिमाचल में डेंगू के 22 और मामले पॉजिटिव, 398 पहुंचा आंकड़ा
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बिलासपुर और सोलन जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक इन दोनों जिलों में 394 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। प्रदेश के तीन जिले और टांडा मेडिकल कॉलेज में एक जनवरी से अब तक 1408 लोगों के सैंपल लिए गए।
इनमें 398 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक 25 जुलाई को 63 लोगों के सैंपल जुटाए गए। इनमें 22 लोगों में यह बीमारी पाई गई। स्वास्थ्य महकमे ने बिलासपुर में मरीजों के उपचार के लिए मंडी से डॉक्टर भेजे हैं।
डॉक्टरों की मानें तो डेंगू एक खतरनाक वायरल रोग है जो संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। अकेला एक संक्रमित मच्छर ही अनेक लोगों को डेंगू रोग से ग्रसित कर सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार का कहना है कि बीमारी पर काबू पाया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। बीमारी के लक्षण पाए जाने पर उनका उपचार किया जा रहा है।
कहां कितने मामले
जिला बिलासपुर - 229
जिला सोलन - 165
टांडा - 2
मंडी - 2
डेंगू के लक्षण
- डेंगू बुखार एक वायरस के जरिये संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्य में फैलता है।
- बुखार, तेज सिर दर्द, आँख के पीछे दर्द, जोड़ों और मांस पेशियों में दर्द
- शरीर में छोटे-छोटे दाने इस रोग के लक्षण हैं।
- कभी- कभी डेंगू हल्का बुखार लगता है, फिर बहुत तेज़ भी हो सकता है
बीमारी से बचने के उपाय
- गंदे पानी को एक जगह जमने न दें।
- रात में सोते वक्त मच्छरदानी को प्रयोग में लाएं।
- शुरुआती लक्षणों के वक्त ही इलाज कर व्यक्ति को बचाया जा सकता है।
- बुखार कैसा भी हो, जल्दी आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।