{"_id":"5ec925ee250c17191837b4fe","slug":"22-lakh-cows-and-buffaloes-will-be-tagged-in-himachal-aadhaar-numbers-of-cattle-owners-will-be-linked","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 लाख गाय-भैंसों की होगी टैगिंग, पशुओं के मालिकों के आधार नंबर होंगे लिंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 लाख गाय-भैंसों की होगी टैगिंग, पशुओं के मालिकों के आधार नंबर होंगे लिंक
Sun, 24 May 2020 09:38 AM IST
Krishan Singh
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 24 May 2020 09:38 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दुधारू पशुओं का लाभ लेने के बाद सड़कों पर लावारिस छोड़ने वाले मालिकों पर नकेल कसने का फैसला लिया है। इन लावारिस पशुओं को जब खुला छोड़ दिया जाता है तो उनको न तो छत मिल पाती है और न ही चारा। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने प्रदेश में 22 लाख गायों और भैंसों की ईनैप टैगिंग करने का निर्णय लिया है। पशुओं की महज टैगिंग ही नहीं होगी बल्कि इन पशुओं को मालिक के आधार से लिंक भी किया जाएगा। यह इसलिए किया जाएगा ताकि पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों को दबोचा जा सके।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की योजना को प्रदेश में शीघ्र लागू करके पशुओं खासकर गायों-भैंसों की टैगिंग की जाएगी। पहले चरण में 22 लाख गायों और भैंसों को कवर किया जाएगा। इनके मालिकों का पूरा लेखा-जोखा पशुपालन विभाग रखेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन विभाग संजय गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में साढ़े 14 हजार लावारिस पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रति पशु 500 रुपये प्रति माह देने का फैसला लिया है। गोसदनों में रहने वाले पशुओं के चारे को वित्तीय मदद नहीं मिलती थी। पहली बार प्रति पशु प्रतिमाह 500 रुपये मिल पाएंगे।
विज्ञापन