{"_id":"5ace3add4f1c1be9328b4737","slug":"21523464925-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफान पर नाला, तीन बच्चे बहने से बचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफान पर नाला, तीन बच्चे बहने से बचे
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विकासनगर में बुधवार सुबह तेज बारिश से उफान पर आए नाले की चपेट में तीन स्कूली बच्चे आ गए। ये सुबह स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान अचानक नाले का जल स्तर बढ़ गया। गनीमत रही कि साथ लगते मकानों में रहने वाले लोगों ने इन्हें देख लिया और मौके पर पहुंचकर बचा लिया। करीब एक घंटे तक मलबे समेत नाले का पानी सीढ़ियों पर बहता रहा। जिससे कई बच्चे घर लौट गए।
उधर, इस हादसे के लिए स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि नाले में पार्किंग के लिए की खुदाई के चलते यह हादसा हुआ। नगर निगम ने यहां मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। ढाई साल से पार्किंग तो बनी नहीं, नाले को खुदाई से निकले मलबे और डंगे से बंद जरूर कर दिया। पिछले हफ्ते स्थानीय लोग नगर निगम आयुक्त से भी मिले थे। इन्होंने शिकायत की थी कि मलबे को यहां से हटाया जाए। इससे हादसा हो सकता है। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार सुबह तेज बारिश से नाले पानी आ गया। बीच नाले में मलबे और डंगे से पानी जमा हो गया। सुबह करीब सवा सात बजे जैसे ही स्कूल छात्र यहां से गुजरे कि अचानक नाले का पानी मलबे समेत रास्ते पर आ गया। इससे स्कूली बच्चे इसकी चपेट में आ गए। हालांकि, किसी को चोटें नहीं लगी हैं।
---
मौके पर पहुंचे उप महापौर
सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद रचना मौके पर पहुंची। लोगों ने बताया कि नाले वाला रास्ता बंद हो गया है। उप महापौर राकेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। कहा कि मलबा जमा होने से नाला बंद हो गया था। कहा कि अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ठेकेदार से भी बात हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। विकासनगर में बुधवार सुबह तेज बारिश से उफान पर आए नाले की चपेट में तीन स्कूली बच्चे आ गए। ये सुबह स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान अचानक नाले का जल स्तर बढ़ गया। गनीमत रही कि साथ लगते मकानों में रहने वाले लोगों ने इन्हें देख लिया और मौके पर पहुंचकर बचा लिया। करीब एक घंटे तक मलबे समेत नाले का पानी सीढ़ियों पर बहता रहा। जिससे कई बच्चे घर लौट गए।
उधर, इस हादसे के लिए स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि नाले में पार्किंग के लिए की खुदाई के चलते यह हादसा हुआ। नगर निगम ने यहां मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। ढाई साल से पार्किंग तो बनी नहीं, नाले को खुदाई से निकले मलबे और डंगे से बंद जरूर कर दिया। पिछले हफ्ते स्थानीय लोग नगर निगम आयुक्त से भी मिले थे। इन्होंने शिकायत की थी कि मलबे को यहां से हटाया जाए। इससे हादसा हो सकता है। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार सुबह तेज बारिश से नाले पानी आ गया। बीच नाले में मलबे और डंगे से पानी जमा हो गया। सुबह करीब सवा सात बजे जैसे ही स्कूल छात्र यहां से गुजरे कि अचानक नाले का पानी मलबे समेत रास्ते पर आ गया। इससे स्कूली बच्चे इसकी चपेट में आ गए। हालांकि, किसी को चोटें नहीं लगी हैं।
विज्ञापन
---
मौके पर पहुंचे उप महापौर
सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद रचना मौके पर पहुंची। लोगों ने बताया कि नाले वाला रास्ता बंद हो गया है। उप महापौर राकेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे। कहा कि मलबा जमा होने से नाला बंद हो गया था। कहा कि अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ठेकेदार से भी बात हो गई है।
विज्ञापन