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बर्फबारी के बाद टाउन हॉल में शिफ्ट होगा एमसी का ऑफिस
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक टाउन हॉल में शिफ्ट होने का नगर निगम का सपना फिलहाल इस साल पूरा नहीं होगा। जीर्णोद्धार का कार्य लटकने से अब बर्फबारी के मौसम के बाद ही नगर निगम टाउन हॉल में शिफ्ट हो सकेगा। निगम प्रशासन के अनुसार रेनोवेशन का कार्य कर रहे ठेकेदार ने मार्च तक इसे तैयार करने का दावा किया है। करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से इस भवन के भीतर भाग का कायाकल्प किया जा रहा है। निगम ने सितंबर 2014 में इस भवन के रेस्टोरेशन का कार्य अवॉर्ड किया था। करीब 18 माह में इसका काम पूरा होना था। लेकिन काम लटकता चला गया। अब हालत यह है कि काम शुरू हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक भवन के आंतरिक हिस्से में रेनोवेशन का कार्य अधूरा पड़ा है। भवन की खिड़कियां और दरवाजे तक लगना बाकी हैं। ऐसे में निगम को अभी करीब चार माह का और इंतजार करना होगा।
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पूर्व मेयर-डिप्टी मेयर ने की थी शिफ्टिंग की कोशिश
पूर्व मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने अपने कार्यकाल के दौरान ही इस भवन के जीर्णोद्घार का कार्य पूरा कर इसमें शिफ्टिंग की तैयारी की थी। लेकिन काम पूरा न होने के चलते इनका सपना भी पूरा नहीं हो पाया। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस भवन का इस्तेमाल सरकार पर्यटन संबंधी गतिविधियां चलाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है। यह शहर के सबसे अहम मालरोड पर स्थित है। ऐसे में निगम को इसे वापस लेने में मुश्किलें आ सकती हैं।
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मार्च तक शिफ्ट होगा भवन
भवन में अभी काफी रेनोवेशन कार्य बचा हुआ है। ऐसे में मार्च तक ही निगम कार्यालय में इसमें शिफ्ट हो पाएगा।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त
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शिमला। ऐतिहासिक टाउन हॉल में शिफ्ट होने का नगर निगम का सपना फिलहाल इस साल पूरा नहीं होगा। जीर्णोद्धार का कार्य लटकने से अब बर्फबारी के मौसम के बाद ही नगर निगम टाउन हॉल में शिफ्ट हो सकेगा। निगम प्रशासन के अनुसार रेनोवेशन का कार्य कर रहे ठेकेदार ने मार्च तक इसे तैयार करने का दावा किया है। करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से इस भवन के भीतर भाग का कायाकल्प किया जा रहा है। निगम ने सितंबर 2014 में इस भवन के रेस्टोरेशन का कार्य अवॉर्ड किया था। करीब 18 माह में इसका काम पूरा होना था। लेकिन काम लटकता चला गया। अब हालत यह है कि काम शुरू हुए करीब तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक भवन के आंतरिक हिस्से में रेनोवेशन का कार्य अधूरा पड़ा है। भवन की खिड़कियां और दरवाजे तक लगना बाकी हैं। ऐसे में निगम को अभी करीब चार माह का और इंतजार करना होगा।
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पूर्व मेयर-डिप्टी मेयर ने की थी शिफ्टिंग की कोशिश
पूर्व मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने अपने कार्यकाल के दौरान ही इस भवन के जीर्णोद्घार का कार्य पूरा कर इसमें शिफ्टिंग की तैयारी की थी। लेकिन काम पूरा न होने के चलते इनका सपना भी पूरा नहीं हो पाया। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस भवन का इस्तेमाल सरकार पर्यटन संबंधी गतिविधियां चलाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है। यह शहर के सबसे अहम मालरोड पर स्थित है। ऐसे में निगम को इसे वापस लेने में मुश्किलें आ सकती हैं।
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मार्च तक शिफ्ट होगा भवन
भवन में अभी काफी रेनोवेशन कार्य बचा हुआ है। ऐसे में मार्च तक ही निगम कार्यालय में इसमें शिफ्ट हो पाएगा।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त