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एडमिशन प्रक्रिया पर सवाल, डीएस को सौंपा मांग पत्र
Updated Thu, 20 Jul 2017 09:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की विवि इकाई ने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रवेश परीक्षाओं के नतीजे देरी से घोषित होने से प्रवेश के लिए होने वाली काउंसलिंग और फीस जमा करवाने का शेड्यूल गड़बड़ा गया है। विवि प्रशासन छात्रों को काउंसलिंग और प्रवेश से संबंधित जानकारी समय से छात्रों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। इससे छात्र प्रवेश लेने से वंचित रह गए हैं।
मामले को लेकर वीरवार को एसएफआई की विवि इकाई ने अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। इसमें एसएफआई इकाई अध्यक्ष रोनी और सचिव नोवल ठाकुर ने डीएस से मंाग उठाई कि छात्रों को प्रवेश से संबंधित हर सूचना समय रहते दी जाए, ताकि वे इसमें भाग ले सके।
नोवल ने कहा कि 19 जुलाई को एमए सायकोलॉजी के लिए हुई काउंसलिंग की प्रक्रिया में 25 सीटों के लिए सिर्फ 16 छात्र ही हिस्सा ले सके। उन्हें समय से प्रवेश की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल सकी। सीधे तौर पर विवि प्रशासन की लापरवाही ही इसके लिए कारण है। उन्होंने डीएस से मांग उठाई कि जो छात्र एमए सायकोलॉजी की काउंसलिंग में हिस्सा नहीं ले पाए हैं, उनके लिए दोबारा से काउंसलिंग की तिथि तय कर एक मौका दिया जाए। दूसरे विभागों की चल रही प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी छात्रों को दी जाए। उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा न किया गया तो एसएफआई इन छात्रों की मांग को लेकर आंदोलन भी कर सकती है।
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शिमला। एसएफआई की विवि इकाई ने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रवेश परीक्षाओं के नतीजे देरी से घोषित होने से प्रवेश के लिए होने वाली काउंसलिंग और फीस जमा करवाने का शेड्यूल गड़बड़ा गया है। विवि प्रशासन छात्रों को काउंसलिंग और प्रवेश से संबंधित जानकारी समय से छात्रों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। इससे छात्र प्रवेश लेने से वंचित रह गए हैं।
मामले को लेकर वीरवार को एसएफआई की विवि इकाई ने अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। इसमें एसएफआई इकाई अध्यक्ष रोनी और सचिव नोवल ठाकुर ने डीएस से मंाग उठाई कि छात्रों को प्रवेश से संबंधित हर सूचना समय रहते दी जाए, ताकि वे इसमें भाग ले सके।
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नोवल ने कहा कि 19 जुलाई को एमए सायकोलॉजी के लिए हुई काउंसलिंग की प्रक्रिया में 25 सीटों के लिए सिर्फ 16 छात्र ही हिस्सा ले सके। उन्हें समय से प्रवेश की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल सकी। सीधे तौर पर विवि प्रशासन की लापरवाही ही इसके लिए कारण है। उन्होंने डीएस से मांग उठाई कि जो छात्र एमए सायकोलॉजी की काउंसलिंग में हिस्सा नहीं ले पाए हैं, उनके लिए दोबारा से काउंसलिंग की तिथि तय कर एक मौका दिया जाए। दूसरे विभागों की चल रही प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी छात्रों को दी जाए। उन्होंने चेताया कि यदि ऐसा न किया गया तो एसएफआई इन छात्रों की मांग को लेकर आंदोलन भी कर सकती है।
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