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एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन ने परिवहन विभाग की दोहरी नीति पर उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 20 Oct 2018 10:25 AM IST
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हिमाचल परिवहन सर्व कर्मचारी संगठन ने बसों का यात्री किराया बढ़ाने और फूलों के डिब्बों का भाड़ा घटाने पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन के प्रधान विद्यासागर शर्मा ने पूछा है कि एचआरटीसी के घाटे का हवाला देकर परिवहन विभाग ने यात्री किराये में 24 फीसदी तक बढ़ोतरी की है और दूसरी ओर फूलों के डिब्बे का मालभाड़ा बिना औपचारिकताएं पूरी किएघटा दिया गया है।
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परिवहन विभाग के एक अधिकारी को फायदा पहुंचाने के लिए बिना निदेशक मंडल की मंजूरी के फूलों के डिब्बे का भाड़ा घटाया गया है, जिससे निगम को करोड़ों की चपत लग रही है। संगठन ने आरोप लगाया है कि अधिकारी के फायदे के लिए निगम के अफसर चालक-परिचालकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। संबंधित अधिकारी ठियोग में फूलों और सब्जियों का उत्पादन करता है और विपणन के लिए उत्पादों को निगम की बसों में चंडीगढ़ और दिल्ली भेजता है।
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कर्मचारी संगठन के सहसचिव विजय श्याम का कहना है कि रामपुर से दिल्ली जा रही निगम की बस में चंडीगढ़ भेजे गए सब्जी के डिब्बे बस से उतारते समय खुल गए। सब्जी के नुकसान की भरपाई के लिए अब कंडक्टर पर दबाव डाला जा रहा है। पहले भी चालक-परिचालकों को इस तरह प्रताड़ित किया जा चुका है। यदि बिना कारण परेशान करने का सिलसिला बंद न किया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
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आज प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपेगा संगठन
हिमाचल परिवहन सर्व कर्मचारी संगठन शनिवार को निगम मुख्यालय में निगम प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंप कर मामले से अवगत करवाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रबंधन को अल्टीमेटम भी दिया जाएगा कि यदि परिवहन विभाग के दबाव में निगम के चालक परिचालकों पर कार्रवाई हुई तो संघर्ष होगा।
आंदोलन के लिए मजबूर न करे प्रबंधन : संगठन
हिमाचल परिवहन सर्व कर्मचारी संगठन के प्रधान विद्यासागर शर्मा और महासचिव खेमेंद्र गुप्ता का कहना है कि निगम कर्मचारी कतई नहीं चाहते कि त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के आंदोलन के चलते परिवहन सेवाएं बाधित हों। लेकिन यदि एचआरटीसी प्रबंधन किसी के दबाव में आकर चालक-परिचालकों को प्रताड़ित करेगा तो तुरंत आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी है शिकायत
एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के मकसद से फूलों के भाड़े में कटौती की गई है। सरकार की ओर से निर्धारित मालभाड़े पर वस्तुओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना निगम का दायित्व है। लेकिन कुछ परिचालक मालभाड़े के अलावा अतिरिक्त पैसे की भी चाह रखते हैं और अतिरिक्त पैसा न मिलने की स्थिति में वस्तुआें के साथ छेड़छाड़ करते हैं जो सही नहीं है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई पहले भी की गई है और आगे भी की जाएगी।